तब कोई हिन्दू हितों की अवहेलना नहीं कर सकता – पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

हिंदू विचारक, वरिष्ठ पत्रकार और प्रखर राष्ट्रवादी वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने राष्ट्र और सत्ता को लेकर बातें की।

सत्ता के भरोसे जो राष्ट्र रहता है, वह समाप्त हो जाता है। राष्ट्र से सत्ता चलती है, सत्ता से राष्ट्र नहीं। इसलिए हमें सत्ता के पीछे नहीं भागना चाहिए। प्रखर राष्ट्रवादी वक्ता पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि, जिस दिन हिन्दू एक हो जाएगा तब कोई अवहेलना नहीं कर सकता। पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ शनिवार को गोमती नगर विस्तार स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के सभागार में अमृत महोत्सव समिति पूरब भाग द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि, आज समाज का हर वर्ग सत्ता में जाना चाहता है। जब समाज सरकार बनाने में लग जाता है तो वह राष्ट्र के मुद्दों को भूल जाता है। जबकि सत्ता के माध्यम से सारी चीजें नहीं हो सकती हैं। सत्ता की कुछ अपनी बाध्यताएं होती हैं। पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि जिस दिन 90 करोड़ हिन्दू एक हो जाएगा, उस दिन सरकार कोई भी रहे हिन्दू हितों की अवहेलना नहीं कर सकता।

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तो वह जीरो हो जाता है
पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि जो समाज अपने हीरो को याद नहीं करता वह जीरो हो जाता है। इसलिए सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भूलें नहीं। युवा पीढ़ी को क्रांतिकारियों के बलिदान से परिचित कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली कहीं नहीं लिखा। 15 अगस्त 1947 को केवल सत्ता हस्तांतरण हुआ है। उपस्थित लोगों से उन्होंने अपील की कि आप जहां हैं जिस भी स्थिति में समाज व राष्ट्र के प्रति कहीं भी अगर कुछ गलत हो रहा है तो आप अपनी आवाज को बुलंद करें।

पुष्पेन्द्र ने कहा कि सनातन विज्ञान है। सनातन स्थिर नहीं है। उसमें नए तथ्य शामिल होते रहते हैं। सनातन ब्रह्रांड के साथ पैदा हुआ ब्रह्रांड के साथ समाप्त होगा। लोग कहते हैं सब धर्म बराबर हैं। जब कोई धर्म होगा तभी तो बराबर होगा। ईसाई व इस्लाम पंथ हैं। इस्लाम व ईसाई पंथ की उत्पत्ति हुई है। इसलिए जो पैदा होता है उसकी मृत्यु निश्चित है। सनातन हमेशा रहेगा। इस अवसर पर श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनीवर्सिटी के कुलाधिपति पंकज अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह ने की।

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