आरक्षण पर केंद्र का बड़ा कदम… ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोरों को मिली शक्ति

मोदी सरकार के इस निर्णय का लाभ ऑल इंडिया कोटा के अंतर्गत ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा। इस योजना के लिए पूरे देश में छात्रों को डोमिसाइल की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को आरक्षण को लेकर बड़ी घोषणा की है। डॉक्टरी की पढ़ाई करनेवाले छात्रों के लिए आरक्षण की घोषणा की गई है। मेडिकल प्रवेश के लिए होनेवाली 12 सितंबर की नीट परीक्षा में ओबीसी को 27 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोरों को 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है।

केंद्र सरकार के इस निर्णय से एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए 1500 सीटें और आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए 550 सीटें आरक्षित हो गई हैं। इसी प्रकार पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस एमडी/एमएस/एमडीएस के लिए ओबीसी को 2500 सीटें मिलेंगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1000 सीटें अब आरक्षित हैं।

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केंद्र सरकार के इस निर्णय का लाभ मेडिकल व दंत चिकित्सा के अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा लेनेवाले छात्रों को मिलेगा। जो वर्ष 2021-22 से लागू होगा।

किसको कितना आरक्षण
ओबीसी – 27 प्रतिशत
आर्थिक रूप से कमजोर – 10 प्रतिशत
अनुसूचित जाति (एससी) – 15 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति (एसटी) – 7.5 प्रतिशत

देश के मेडिकल कॉलेजों में केंद्र सरकार का कोटा होता है। जिसमें अंडर ग्रेजुएट सीटों पर 15 प्रतिशत और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में से 50 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार के लिए आरक्षित होता है। अब इन सीटों पर केंद्र सरकार द्वारा जारी नए आरक्षण का लाभ मिलेगा।

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