पीएम की इतनी बड़ी घोषणा के बावजूद विपक्ष की टीका पर टिप्पणी जारी! जानिये, किसने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जून को अपने देश के संबोधन में कई बड़ी घोषणाएं कर विरोधियों की बोलती बंद कर दी। उन्होंने जहां देश के सभी लोगों के लिए केंद्र सरकार की ओर से मुफ्त वैक्सीनेशन की घोषणा कर राज्य सरकार के सभी सवालों के जवाब दे दिए, वहीं निजी अस्पतालों में टीकाकरण में जारी लूट पर भी अंकुश लगाने का काम किय। पीएम ने अपनी घोषणा में कहा कि निजी अस्पताल सीधे कंपनी से 25 प्रतिशत वैक्सीन ले सकें, ये सुविध जारी रहेगी, लेकिन वे निर्धाारित कीमत से प्रति डोज पर अधिकतम 150 रुपए से ज्यादा नहीं ले सकेंगे।

पीएम की इस घोषणाओं पर जहां भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों और नेताओं ने उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की है, वहीं विपक्षी पार्टियों ने नेताओं ने किसी न किसी बात को लेकर टिप्पणी कर अपना विपक्ष धर्म का पालन किया। जिन लोगों ने प्रशंसा की है, उनकी भी कोशिश ये रही है कि इसका श्रेय उन्हें या उनकी पार्टी को मिले।

कांग्रेस ने निभाया विपक्ष का धर्म
पीएम की घोषणा के बाद कांग्रेस ने कहा कि यह देर आए, लेकिन दुरुस्त नहीं आए की तरह है। क्योंकि मुफ्त टीकाकरण की मांग को पीएम ने आंशिक रुप से स्वीकार कर किया है। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि पीएम ने देश में पहले टीकाकरण के कार्यक्रमों के बारे में टिप्पणी कर अतीत की चुनी हुई सरकारों और वैज्ञानिकों का अपमान किया है।

ये भी पढ़ेंः अब सबको मुफ्त टीका, टिप्पणीकारों को भी उत्तर – जानें पीएम के संबोधन की बात

पार्टी को श्रेय देने की कोशिश
सुरजेवाला ने कहा कि मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ये कई बार मांग की थी कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त टीकाकरण किया जाना चाहिए। लेकिन मोदी सरकार ने उनकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया था, अब जब सर्वोच्च न्यायालय ने मोदी और उनकी सरकार को कटघरे में खड़ा किया तो उन्हें ये घोषणा करनी पड़ी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि फिलहाल हमें इस बात की खुशी है कि सरकार ने नागरिकों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने की मांग मान ली है। लेकिन इसके साथ ये जोड़ दिया कि पिछले तीन महीनों में मोदी सरकार ने टीका की नातियों को तीन बार बदलकर लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डालने का काम किया है।

सीताराम येचुरी को नहीं भायी पीएम की घोषणा
सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि इस मामले में अब सर्वोच्च न्यायालय में निर्णय आनेवाला है। इसलिए पीएम मोदी की ओर से इस तरह की घोषणा की गई है। येचुरी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण मौतों पर दुख व्यक्त करने के लिए देश एकजुट है। उन्होंने कहा कि ये दिल दहला देनेवाली बात है कि जिन लोगों ने घर के कमाने वालों को खो दिया है, उनके लिए मुआवजा देने की पीएम ने कोई घोषणा नहीं की।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की श्रेय लेने की कोशिश
प्रधानमंत्री की यह घोषणा कि 21 जून से राज्यों को कोविड-19 वैक्सीन की मुफ्त आपूर्ति की जाएगी, इस समय सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया है। मुझे खुशी है कि हमारे अनुरोध पर प्रधानमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

तीखी टिप्पणी
कांगेस के नेता और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने 18-44 वर्षों के लिए केंद्रीकृत टीकाकरण पर कहा, ‘हमने पहले ही अपने लोगों को मुफ्त में टीका लगाने की घोषणा की थी। सर्वोच्च न्यायलय द्वारा खिंचाई किए जाने के बाद केंद्र जाग गया। राज्यों पर दोष मढ़ना अनुचित है क्योंकि उन्होंने पहले ही केंद्र से मुफ्त टीकाकरण के लिए कहा था।’

कैप्टन अमरिंदर सिंह- प्रशंसा के साथ श्रेय लेने की कोशिश
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं सभी आयु वर्ग के लिए वैक्सीन की केंद्रीय खरीद और वितरण के हमारे अनुरोध को स्वीकार करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं। मैंने इसके लिए पीएम और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखा था।

नीतीश कुमार ने की प्रशंसा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले से केंद्र सरकार द्वारा 45 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले लोगों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराया जा रहा है। अब पीएम द्वारा 18-44 आयु वर्ग के लोगों को भी मुफ्त टीका उपलब्ध कराने की घोषणा सराहनीय कदम है।

आप विधायक राघव चड्ढा का कहना हैः
सर्वोच्च न्यायालय की खिंचाई के बाद केंद्र ने यह फैसला लिया, हम इसका स्वागत करते हैं। हमारी मांग राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान चलाने की भी थी, जिसकी अनदेखी की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here