कांग्रेस में नहीं शामिल होंगे प्रशांत किशोर! जानें, क्यों किया इनकार

पिछले कुछ दिनों से चर्चा गरम थी कि डूबती नैया के खेवैया बनने के लिए प्रशांत किशोर तैयार हैं और पार्टी में उन्हें महत्वपूर्ण पद और जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन अब सभी तरह की अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है।

मशहूर चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को धीरे से जोर का झटका दिया है। पीके को कांग्रेस में शामिल करने के लिए पार्टी में चल रही मंथन के बीच उन्होंने कांग्रेस के ऑफर को ठुकरा दिया है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि पीके ने कांग्रेस के ऑफर को ठुकरा दिया है।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि प्रशांत किशोर के साथ चर्चा और प्रेजेंटेशन दिए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने एक इंपावर्ड एक्शन ग्रुप 2024 का गठन किया है। उन्हें इसका हिस्सा बनने और कांग्रेस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

पिछले कुछ दिनों से चर्चा गरम थी कि डूबती नैया के खेवैया बनने के लिए प्रशांत किशोर तैयार हैं और पार्टी में उन्हें महत्वपूर्ण पद और जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन अब सभी तरह की अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है।

यह थी चर्चा
बताया जा रहा था कि पीके को कांग्रेस का महासचिव बनाया जा सकता है। इस बारे में अटकलों का बाजार तब गरम हुआ, जब उन्होंने पार्टी हाई कमान के सामने 18 घंटे का प्रेजेंटेशन दिया। समझा जा रहा था कि पीके कांग्रेस की नैया को 2024 के चुनाव में पार लगाने की जिम्मेदारी लेंगे।

दूसरे नंबर पर रहना चाहते थे पीके
हालांकि, कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रशांत किशोर खुद को कांग्रेस का अघोषित रणनीतिकार और कांग्रेस में दूसरे नंबर पर रहना चाहते थे, किंतु सोनिया ने उन्हें केवल इंपावर्ड एक्शन ग्रुप का हिस्सा बनने और चुनावों की जिम्मेदारी तक ही सीमित रखना उचित समझा। इस कारण किशोर ने कांग्रेस में बड़ी भूमिका न देश पार्टी में शामिल होने से इनकार कर दिया।

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पीके ने ट्वीट कर कहाः
पीके ने ट्वीट कर कहा, मैंने ईएसजी के रूप में कांग्रेस में शामिल होने और चुनावों की जिम्मेदारी स्वीकार करने से मना कर दिया। मैंने कांग्रेस के इस उदार प्रस्ताव को बड़ी विनम्रता के साथ अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, मेरी राय है कि परिवर्तनकारी सुधारों के जरिए गहरी जड़ों वाली कांग्रेस की संरचनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए पार्टी को मुझसे अधिक नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की जरुरत है।

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