पंजाबः पटियाला हिंसा में मुख्यमंत्री ने बताया राजनैतिक हाथ, कही ये बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला प्रकरण के बाद जहां पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है, वहीं अलग-अलग चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पटियाला में हुआ खूनी संघर्ष दो समुदायों का नहीं बल्कि राजनीतिक दलों का है। यह अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी, शिव सेना तथा अकाली दल अमृतसर के बीच का विवाद है। पटियाला हिंसा के बाद पहली बार मीडिया को जारी बयान में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दो समुदायों की नहीं बल्कि राजनीतिक दलों की लड़ाई थी। जिसे धर्म व समुदाय का रंग दिया गया है।

चार एफआईआर दर्ज
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटियाला प्रकरण के बाद जहां पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है, वहीं अलग-अलग चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कइयों की तलाश में लगातार छापे मारे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा, अकाली दल, अकाली दल (अमृतसर) समेत कई राजनीतिक दल ऐसे हैं, जिन्हें पंजाब का विकास हजम नहीं हो रहा है।

तय समय में जांच का आदेश
उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का उसी दिन मंदिर में जाना अपने-आप में सारे हालात बयां करता है। मान ने कहा कि पंजाब पुलिस को समयबद्ध जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं। वह खुद पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपितों को गिरफ्तार करके इसके पीछे की साजिश को बेनकाब करके पंजाब वासियों के सामने रखा जाएगा।

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