क्या कृषि कानूनों की हो सकती है वापसी? केंद्रीय कृषि मंत्री ने कही ये बात

कृषि कानूनों को केंद्र सरकार द्वारा रद्द किए जाने के बावजूद विपक्ष इसे हवा देने से बाज नहीं आ रहा है। वह इस तरह से किसानों को भड़काकर सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी करना चाहती है।

केन्द्रीय कृषि कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया है कि सरकार कृषि कानूनों को दोबारा लाने नहीं जा रही है। उनका कहना है कि कांग्रेस अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए भ्रम फैलाने का नकारात्मक कार्य कर रही है।

केन्द्रीय मंत्री ने 27 दिसंबर को ट्वीट कर कहा कि कृषि कानून पुनः लाने का सरकार का कोई विचार नहीं है। किसानों का मान रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने का निर्णय किया था।

कांग्रेस पर साधा निशाना
तोमर कहा कि कांग्रेस अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए भ्रम फैलाने का नकारात्मक कार्य करती है, इससे किसानों को सावधान रहना चाहिए।

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 केंद्रीय कृषि मंत्री ने क्या कहा था?
उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर को एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने कृषि कानूनों को सुधारों की बड़ी प्रक्रिया बताया था। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों काे यह प्रयास रास नहीं आया। उन्होंने कहा था, “सरकार निराश नहीं है और हम एक कदम पीछे हटें हैं लेकिन हम फिर आगे बढ़ेंगे।” उनके इस बयान को कांग्रेस ने कृषि कानूनों की वापसी के तौर पर प्रचारित किया, जिस पर 27 दिसंबर को केन्द्रीय मंत्री ने स्पष्टीकरण दिया है।

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