महाराष्ट्र: फिल्म ‘हर हर महादेव’ का प्रदर्शन रोका, एनसीपी-मनसे आई आमने सामने

फिल्म हर हर महादेव के प्रदर्शन को लेकर एनसीपी ने ठाणे और पुणे में प्रदर्शन किया है। नेताओं ने फिल्म को रुकवा दिया था।

फिल्म हर हर महादेव को रिलीज हुए सप्ताह से अधिक बीत गए हैं। इस बीच सोमवार रात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने ठाणे के विवियाना सिनेमागृह में जमकर उत्पात किया। विधायक जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) कार्यकर्ताओं ने फिल्म का प्रदर्शन को रोक दिया। इस बीच मारपीट का भी समाचार है। जबकि, उसी समय वहां मनसे नेता भी पहुंचे और उन्होंने फिल्म का प्रदर्शन फिर शुरू करवाया। इस बीच पुणे में भी ऐसे ही आंदोलन की सचूना मिली है।

ठाणे में सोमवार रात के फिल्म प्रदर्शन में एनसीपी ने जमकर उत्पात मचाया। पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने फिल्म हर हर महादेव के प्रदर्शन को रुकवा दिया और प्रेक्षकों को बाहर निकाल दिया। इस कार्रवाई में कुछ प्रेक्षकों से मारपीट की बात भी सामने आई है। जब यह सब हो रहा था, उसी समय वहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अविनाश जाधव पहुंचे और उन्होंने फिल्म का प्रदर्शन शुरू करवाया। जिससे एनसीपी और मनसे इस प्रकरण में आमने सामने आने की स्थिति पहुंच गए।

एनसीपी ने क्या कहा?
एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिखाए गए दृश्य, मावलों की वेशभूषा को लेकर आक्षेप व्यक्त किया है। यह आक्षेप छत्रपति संभाजी राजे के विरोध के बाद एनसीपी द्वारा लिया गया है। इसके पहले तक सब शांत था। फिल्म रिलीज हो गई थी, और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से शुरू था। लेकिन, सोमवार दिनभर युति के मंत्री अब्दुल सत्तार के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन करनेवाली एनसीपी रात में सिनेमा हाल पहुंच गई और फिल्म को बंद करवा दिया। जितेंद्र आव्हाड ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रेक्षकों को सिनेमा हाल से बाहर निकाल दिया, जिससे जमकर विाद हुआ और सूचना है कि कुछ प्रेक्षकों के साथ एनसीपी कार्यकर्ताओं ने हाथापाई भी की। जबकि, कुछ लोगों का कहना है कि, यह हाथापाई सिनेमा हाल के प्रबंधक से प्रेक्षकों के पैसा वापस मांगने पर हुई है।

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आपने मावलों को यदि दुबला पतला और अपंग दिखाया तो उसे मावले कहा ही नहीं जा सकता है। अभिनेता अक्षय कुमार का हम विरोध नहीं करते, परंतु जिस आयु के अक्षय कुमार हैं, उस आयु में महाराज का निधन हो गया था। महाराज के 16 से 46 वर्ष की आयु में युद्ध हुए थे।

अफजल खान को जांघ पर बैठाकर शिवाजी महाराज उसकी अंतड़ियां निकालते हैं, ऐसा क्या दिखाते हो? तीन मिनट का खेल था, शिवाजी महाराज किले पर पहुंचे। अफजल खान ने आवाज दी, उसने पीछे से कटार घुसाने का प्रयत्न किया लेकिन, महाराज ने अंगरखा पहना हुआ था। महाराज ने बाघ नख (नुकील हथियार) पहना हुआ था, जिससे उन्होंने अफजल खान की अंतड़ी बाहर निकाल दी। यह सब स्पष्ट होने का बाद भी विकृति क्यों दिखाई जा रही है?
जितेंद्र आव्हाड, विधायक -एनसीपी

मनसे ने दिया प्रेक्षकों का साथ
फिल्म का प्रदर्शन बंद कराने के बाद जब एनसीपी कार्यकर्ता निकल रहे थे, उसी समय वहां अकेले ही महाराष्ट्र नवनिर्माण के नेता अविनाश जाधव पहुंचे। उन्होंने सिनेमागृह से फिल्म का प्रदर्शन शुरू करवाया। इसके बाद उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं को बुलाया। प्रेक्षकों को सिनेमागृह में प्रवेश नहीं दिये जाने का आरोप है, जिसके बाद अविनाश जाधव खुद प्रवेश द्वार पर खड़े हो गए और प्रेक्षकों को अंदर प्रवेश दिया।

सिनेमागृह में आकर प्रेक्षकों को मारना किस संस्कृति के अनुसार है। हम इस फिल्म को देखेंगे। जितेंद्र आव्हाड रोज संस्कृति पर लिखते हैं, संविधान माननेवाले हैं तो उन्हें मारपीट का अधिकार किसने दिया। यदि कोई व्यक्ति शराब पिया हुआ था तो, उसे पुलिस को सौंपा जाना चाहिये। इसके पहले भी बंगले में ले जाकर एक को मारा था, इस बार प्रेक्षकों को मारा है, ऐसे लोग संस्कृति की बात न करें।
अविनाश जाधव, ठाणे शहर प्रमुख – मनसे

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