बदलेगी घड़ी, खिलेगा कमल! सरकार बनाने के लिए एनसीपी- भाजपा गठबंधन

नागालैंड में अलग तरह के राजनीतिक समीकरण बनने से महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की टेंशन बढ़ गई है।

नागालैंड में एक बार फिर भाजपा के साथ मिलकर एनडीपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इस कारण भाजपा गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है। इसी क्रम में राज्य में इतिहास रचा जा रहा है। इस बार विफक्ष का सफाया हो गया है और यहां बिना विपक्ष के सरकार बनने जा रही है।

इस प्रदेश में इस बार तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और जेडीयू सहित सभी राजनीतिक पार्टियां बिना किसी शर्त के भाजपा गठबंधन को समर्थन करने के लिए तैयार है। पहली बार यहां ऐसा हुआ है कि इतने सारे दल एक साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। इसके साथ ही यह भी इतिहास है कि इस बार सभी दलों के सरकार में शामिल होने से विपक्ष का सफाया हो गया है।

बिना विपक्ष की सरकार?
बता दें कि नागालैंड विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक संख्या में राजनीतिक पार्टी मैदान में उतरी थीं, लेकिन अब जब सरकार बनाने का समय आया है तो यहां विपक्ष का सफाया होता दिख रहा है। यहां सभी पार्टियों के एनडीपीपी -भाजपा गठबंधन को समर्थन देने से ये स्थिति पैदा हुई है।

ये है स्थिति
2 मार्च को घोषित परिणाम में एनडीपीपी और भाजपा गठबंधन ने क्रमश- 25 और 12 सीटें झटके हैं। इस तरह 60 विधायकों वाले इस विधानसभा में इनकी कुल संख्या 37 है। तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सात सीटें मिली हैं। उसने बिना शर्त सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही एनपीपी ने 5, लोजपा, नागा पीपुल्स फ्रंट और आरपीआई( आठवले) ने दो-दो, जेडीयू ने एक तथा निर्दलीय ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।

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