क्या राजू शेट्टी का नाम उस लिस्ट से हटा दिया गया? जानिये, शरद पवार ने क्या कहा

महाराष्ट्र में राज्यपाल के पास नियुक्ति के लिए भेजी गई 12 विधान परिषद सदस्यों की सूची में से राजू शेट्टी के नाम को हटाने को लेकर राजनीति गरमाई हुई है।

राज्य मंत्रिमंडल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा नियुक्त किए जाने वाले भावी विधान परिषद के 12 सदस्यों की सूची में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष राजू शेट्टी को शामिल किया था, लेकिन अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने उनका नाम सूची से हटाने का फैसला किया है। इस खबर को खारिज करते हुए शरद पवार ने कहा, ”हमने शेट्टी का नाम सूची में शामिल कर अपना वादा पूरा किया है। अब फैसला राज्यपाल को करना है।” पवार के इस बयान के बाद राजू शेट्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि सूची से मेरा नाम निकाला गया या नहीं, इस बारे मे राकांपा नेता ही बता सकते हैं। लेकिन एक करेक्ट कार्यक्रम किया है और एक और करेक्ट कार्यक्रम मैं और करूंगा।

शरद पवार ने यह कहाः
पवार ने कहा कि राजू शेट्टी की नाराजगी के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है। लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की ओर से राकांपा द्वारा राज्यपाल को दी गई सूची में राजू शेट्टी का नाम शामिल है। इसमें हमने प्रस्ताव दिया है कि सहकारिता और कृषि के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए राजू शेट्टी को विधान परिषद का सदस्य नियुक्त किया जाए। इस बारे में राज्यपाल द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मुझे आश्चर्य है कि इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। इस मामले में राज्यपाल की अंतिम राय होती है। हमने अपना काम ईमानदारी से किया है। राजू शेट्टी ने जो कहा, उस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैंने अपना वादा पूरा किया है। अब हम राज्यपाल के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

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राजू शेट्टी ने यह कहाः
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बयान पर राजू शेट्टी ने कहा, ”इससे ​​कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप मुझे विधायक बनना चाहते हैं या नहीं। शरद पवार को बताना चाहिए कि बाढ़ पीड़ितों को मदद मिलेगी या नहीं। राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को राहत देने का ऐलान किया है, लेकिन प्रभावित किसानों को अभी तक मदद नहीं मिली है। विधायक बनने या न बनने का मामला मेरे लिए गौण है। यह एक साधारण-सी बात है। राजनीति में ऐसे समझौते किए जाते हैं। 2019 के चुनाव से पहले एनसीपी और स्वाभिमानी शेतकारी पार्टी के बीच समझौता हुआ था। यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है, जिसने शब्द दिया है, वह तय करे कि उसका पालन करना है या नहीं। मैं विधायक पद के लिए उनके पास कभी नहीं गया। राकांपा नेता बता सकते हैं कि मुझे सूची से क्यों हटाया गया। मुझे यह भी नहीं पता कि हटाया गया या नहीं। मैं एक हार्डकोर कार्यकर्ता हूं, लोगों के न्याय के लिए मेरा आंदोलन जारी रहेगा।”

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