शिवाजी पार्क पर शिवसेना के दोनों गुटों को दशहरा रैली की अनुमति देने से इनकार, बीएमसी ने बताया ये कारण

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज उद्यान में दशहरा रैली आयोजित करने के लिए शिवसेना और शिंदे गुट के आवेदनों को मुंबई महानगरपालिका ने खारिज कर दिया है।

मुंबई के दादर में छत्रपति शिवाजी महाराज उद्यान (शिवाजी पार्क) में दशहरा रैली आयोजित करने के लिए शिवसेना और शिंदे गुट के आवेदनों को मुंबई महानगरपालिका ने खारिज कर दिया है। गणेश विसर्जन के दौरान शिवसेना और शिंदे गुट के बीच हाथापाई की पृष्ठभूमि में, शिवसेना के दोनों गुटों को अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि शिवसेना के दोनों गुटों को दशहरा रैली के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है। 22 सितंबर की सुबह दोनों गुटों को पत्र भेजकर ये जानकारी दे दी गई है।

22 अगस्त को शिवसेना की ओर से अनिल देसाई ने दादर के छत्रपति शिवाजी महाराज उद्यान (शिवाजी पार्क) में शिवसेना की पारंपरिक दशहरा रैली आयोजित करने के लिए बीएमसी के जी-उत्तर विभाह में आवेदन किया था। उसके कुछ दिन बाद शिंदे गुट के सदा सरवणकर ने भी शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। इन दोनों गुटों को बीएमसी से अनुमति का इंतजार था। इस बीच, शिंदे गुट को बांद्रा कुर्ला मैदान में दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति मिलने के बाद, शिवसेना विभाग के प्रमुख महेश सावंत, उपनेता मिलिंद वैद्य और पदाधिकारियों ने जी-उत्तर विभाग से इस बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। उसके बाद विभाग ने शिवसेना को लिखित जवाब दिया था कि इस अनुमति को लेकर विधि विभाग की राय मांगी गई है।

इन सब पृष्ठभूमि में मनपा को सूचना मिली है कि पुलिस उपायुक्त की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के दौरान शिवसेना के दो गुटों के बीच हुई झड़प और अगले दिन दादर थाने के बाहर दोनों गुटों के बीच हुई घटनाओं का जिक्र किया गया है। पत्र में बताया गया है कि इस स्थिति में यदि शिवाजी पार्क जैसे संवेदनशील क्षेत्र में दो समूहों में से एक को अनुमति दी जाती है, तो इससे क्षेत्र में कानून -व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।

पुलिस के इस पत्र के बाद मनपा के जी नॉर्थ डिवीजन ने शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के लिए दोनों गुटों को अनुमति देने से इनकार करने का फैसला किया है। इस संबंध में दोनों गुटों के आवेदकों को पत्र भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक, पत्र की एक प्रति 22 सितंबर की सुबह शिवसेना के केंद्रीय कार्यालय और शिंदे गुट के विधायक सदा सरवनकर के आवास पर भेजी गई। इस बीच शिंदे गुट के विधायक सदा सरवनकर ने कहा है कि उन्हें इस तरह का कोई पत्र नहीं मिला है।

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