हड़ताली एसटी कर्मियों की बढ़ी टेंशन, निगम ने लिया ऐसा निर्णय!

महाराष्ट्र में एसटी कर्मियों की हड़ताल से राज्य भर के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए निगम ने बड़ा निर्णय लिया है।

महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के कर्मचारी पिछले ढाई महीने से हड़ताल पर हैं। हालांकि अधिकांश कर्मी काम पर लौट आए हैं, लेकिन कुछ अभी भी नहीं लौटे हैं। सरकार की ओर से एसटी कर्मियों को कई तरह के प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद वे हड़ताल पर अड़े हैं। इस स्थिति में एसटी निगम ने बस सेवा को सामान्य बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है।

आठ संभागों में 400 चालकों की अनुबंध पर भर्ती
कर्मचारियों की हड़ताल से एसटी सेवा अभी भी प्रभावित है। इसलिए निगम ने ठेका पद्धति से एसटी कर्मियों को भर्ती करने का निर्णय लिया है। एसटी निगम ने कहा है कि चरणबद्ध तरीके से एसटी के आठ वर्गों में 400 चालकों की भर्ती की जाएगी। एसटी निगम की योजना करीब 3,000 कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर्स को हायर करने की है।

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स्वैच्छिक मृत्यु की इच्छा
इस बीच कई कर्मचारियों ने इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र  लिखा है। बता दें कि एसटी कर्मियों की मांग है कि एमएसआरटीसी को महाराष्ट्र सरकार में विलय किया जाए।

पाथर्डी डिपो के कर्मचारियों का पत्र
राज्य परिवहन विभाग के पाथर्डी डिपो के एसटी कर्मचारियों द्वारा पाथर्डी के तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। उन्होंने सामूहिक आत्महत्या की अनुमति मांगी है। बता दें कि एसटी कर्मियों की हड़ताल से राज्य भर के यात्री परेशान हैं, साथ ही एसटी कर्मी भी तनाव में हैं। हड़ताल के दौरान 67 एसटी कर्मियों ने आत्महत्या कर ली है।

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