क्या ममता विपक्ष को कर पाएंगी एकजुट? इन पार्टियों ने पहले ही कर लिया किनारा

राष्ट्रपति चुनावों में विपक्ष को लामबंद करने के लिए ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी दलों की बैठक 15 जून को दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुलाई है ।

देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा, इसे लेकर कई नेताओं के नामों की चर्चा हो रही है । विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति पद का चेहरा कौन होगा, इस बारे में तो अभी तक तय नहीं है,  लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके लिए विपक्ष को एकजुट करना शुरू कर दिया है । कथित रूप से विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ लड़ाई के ममता बनर्जी के आह्वान के बाद बीजू जनता दल और टीआरएस की पार्टी ने उनसे दूरी बना ली है।

राष्ट्रपति चुनावों में विपक्ष को लामबंद करने के लिए ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी दलों की बैठक 15 जून को दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुलाई है । इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रपति पद के लिए संभावित उम्मीदवार के नाम पर चर्चा होगी।ममता बनर्जी ने 14 जून को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की और विपक्ष को एकजुट करने की बात रखी। इसके साथ ही दीदी ने 11 जून को सभी विपक्षी पार्टियों को एक पत्र लिखकर उनसे राष्ट्रपति चुनावों में एकजुट होने का आह्वान किया।

भाजपा की स्थिति
भाजपा के पास 13 वोट कम हैं। ऐसे में बीजू जनता दल और जगन रेड्डी के समर्थन से एनडीए के प्रत्याशी का राष्ट्रपति पद की जीत का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा । लोकसभा में बीजू जनता दल के 12 सदस्य हैं । जबकि राज्यसभा में 9 सांसद हैं । ओडिशा विधानसभा में बीजू जनता दल के 114 विधायक हैं । वहीं जगन रेड्डी के पास 22 लोकसभा, 9 राज्यसभा सांसद और 151 विधायक हैं ।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रक्रिया तेज
राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 21 जुलाई को होगी। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है । देश में राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचन मंडल के तहत होता है । इसमें सांसदों और विधायकों के वोट शामिल होते हैं। देश में सांसदों और विधायकों की संख्या 4 हजार 809 है । राष्ट्रपति चुनाव में हर वोट का मूल्य होता है । राज्य की जनसंख्या और विधानसभा सीटों की संख्या पर उसका मूल्य बदलता है ।

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