राज्यसभा चुनावः मलिक-देशमुख पर न्यायालय के इस फैसले ने बढ़ाई एमवीए की परेशानी

राज्यसभा चुनाव में केवल विधान सभा के विधायक ही उम्मीदवारों को वोट दे सकते हैं। लेकिन राकांपा विधायक और मंत्री नवाब मलिक तथा अनिल देशमुख दोनों मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वर्तमान में जेल में हैं।

महाराष्ट्र के साथ ही 15 राज्यों के 57 सीटों पर राज्यसभा का चुनाव 10 जून को होने जा रहा है। इसके लिए सभी पार्टियां एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। एक-एक वोट अनमोल है। इस बीच महाविकास आघाड़ी को बड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मंत्री नवाब मलिक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति नहीं मिलेगी। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव में राकांपा और वैकल्पिक रूप से महाविकास आघाड़ी को भाजपा से कड़ी टक्कर मिलेगी।

एमवीए की बढ़ी परेशानी
राज्यसभा चुनाव में केवल विधान सभा के विधायक ही उम्मीदवारों को वोट दे सकते हैं। लेकिन राकांपा विधायक और मंत्री नवाब मलिक तथा अनिल देशमुख दोनों मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वर्तमान में जेल में हैं। उन्हें वोट डालने की अनुमति के लिए राकांपा ने  न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। 9 जून को मुंबई सेशन कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि अनिल देशमुख और नवाब मलिक को वोट देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ये दो वोट कम होने से राज्यसभा चुनाव में एमवीए की परेशानी बढ़ गई है।

ईडी ने दी दलील
ईडी ने 8 जून को कोर्ट में दलील दी। ईडी ने कोर्ट से कहा कि कैदियों को वोट देने का अधिकार नहीं है, इसलिए देशमुख और मलिक को वोट का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। अदालत ने उनकी दलील पर अमल करते हुए दोनों को वोट देने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

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