महाराष्ट्र विधान सभा में हंगामा ही हंगामा और सरकार का…

महाराष्ट्र विधान सभा का दो दिनों का सत्र शुरू हो गया है। इसमें विभिन्न विभागों की अनुपूरित मांगें पारित की जानी हैं और विधान सभा के अध्यक्ष पद का चुनाव होना है।

विधान सभा का दो दिवसीय वर्षाकालीन सत्र हंगामे के साथ शुरू हुआ। विधान सभा की सीढ़ी पर विपक्षी विधायकों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सदन में पुणे से एमपीएससी के परीक्षार्थी स्वप्निल लोणकर की आत्महत्या का मुद्दा विपक्ष ने प्रस्तुत किया। इस पर सरकार की ओर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने उत्तर दिया।

स्वप्निल लोणकर की आत्महत्या के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री ने उत्तर देते हुए नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस समेत सभी को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए योग्य कदम उठाएगी। इसके अलावा 31 जुलाई तक एमपीएससी के सभी रिक्त पदों को भरा जाएगा।

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लोणकर परिवार के लिए सहायता
विपक्ष की ओर से नेता विपक्ष और भाजपा के विधायक सुधीर मनगुंटीवर ने स्पप्निल लोणकर की आत्महत्या से पीड़ित परिवार को तत्काल देने की मांग की थी। जिस पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वस्त किया कि इस विषय में मुख्यमंत्री की ओर से यथा संभव सहायता दी जाएगी, जिस पर विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।
जब सदन में इस विषय में चर्चा चल रही थी उस समय राज्य में विभिन्न स्थानों पर एमपीएससी के परिक्षार्थी और इच्छुक छात्र प्रदर्शन कर रहे थे।

विपक्ष करता रहा नारेबाजी, सरकार ने पास कर दिये विधेयक
सदन में जब विधेयक प्रस्तुत किया जा रहा था, उस समय विपक्ष की नारेबाजी चल रही थी। इसी बीच एक-एक करके विधेयक पास होते रहे। विपक्ष मराठा आरक्षण, ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रही थी।

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मुख्यमंत्री के समक्ष घोषणाबाजी
राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार से इम्पीरियल डेटा प्राप्त करने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उसका आरोप था कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर समय व्यतीत करना चाहती है।

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