महाराष्ट्र विधान सभा में सत्ता पक्ष ने ऐसे रखी अपनी-अपनी ‘पीर’

महाराष्ट्र विधान सभा में विपक्ष रहित कार्यवाही हुई। कोरोना संक्रमण के नाम पर विधान सभा का सत्र ही दो दिनों में सिमट गया। वहीं दूसरी ओर 12 विधायकों के निलंबन से नाराज विपक्ष सदन की कार्यवाही से अनुपस्थित रही।

महाराष्ट्र के कई नेताओं के आर्थिक व्यवहारों की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। इस जांच से पीड़ित सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार से राज्य के अधीन कार्य करनेवाली जांच एजेंसियों से रिपोर्ट मंगाकर क्लीन चिट देने की मांग की। सदन में तालिका अध्यक्षों को धमकी दिये जाने का मुद्दा भी उठा, वहीं कांग्रेस ने फोन टेपिंग का मुद्दा उठाया। विधान सभा के दूसरे और अंतिम दिन विपक्ष रहित विधान सभा में सरकार के विधायकों ने अपनी-अपनी पीर रखी।

तो ‘प्रताप’ को मिले क्लीन चिट
मुद्दा – शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने अपनी जांच का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत एक विभाग है आर्थिक अपराध शाखा, उसमें एक प्रकरण दर्ज हुआ कि एमएमआरडीए में एक घोटाला हुआ है। उस जांच को प्रवर्तन निदेशालय ने अपने पास ले लिया। अब आर्थिक अपराध शाखा के प्रकरण में कोई आर्थिक अपराध हुआ है कि नहीं यह भी जांच राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। एमएमआरडीए भी राज्य सरकार के अधीन है इसलिए मेरी बदनामी राज्य सरकार की भी बदनामी है। इसलिए मैंने पत्र दिया है कि इस प्रकरण मंगाई जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए और महाविकास आघाड़ी सरकार की ओर से क्लीन चिट दिया जाए

उत्तर – गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील ने कहा कि उन्हें प्रताप सरनाईक का पत्र प्राप्त हुआ है और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) को निर्देश दिया गया है कि इस संबंध में उनके पास कोई प्रकरण प्रलंबित है तो उसकी जानकारी दी जाए। इसके अलावा एमएमआरडीए से भी ऐसी जानकारी मांगी गई है।

ये भी पढ़ें – महाराष्ट्रः युति पर उद्धव ठाकरे ने ऐसा दिया उत्तर!

सोशल मीडिया पर मिल रही धमकी
आरोप – विधान सभा में सरकार के कई विधायकों ने तालिका अध्यक्ष भास्कर जाधव को सोमवार को हुए प्रकरण के बाद से धमकी मिलने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर स्वत: भास्कर जाधव ने कहा कि उन्होंने देखा है कि विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष ने धमकी दी है कि वे भास्कर जाधव के विरोध में राज्य भर में एक हजार स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उत्तर – गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील ने सदस्यों के उठाए गए मुद्दे पर आश्वस्त किया कि, भास्कर जाधव को समुचित सुरक्षा दी जाएगी। इसके बाद उनकी पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई।

नाना का फोन टेप
मुद्दा – कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने 2016-17 के बीच अपनी फोन टेपिंग का आरोप लगाया और इसकी जांच की मांग की। उन्होंने इसके लिए जो जिम्मेदार हों उन पर कार्रवाई की मांग की।

उत्तर – इस प्रश्न का उत्तर देते हुए गृह मंत्री ने प्रकरण की जांच का आश्वासन दिया।

खुद ही बॉलर, खुद ही बल्लेबाज
मुद्दा – महाराष्ट्र विधान सभा में भास्कर जाधव ने सदस्य के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित की गई प्रतिरूप विधान सभा पर आक्षेप किया। उन्होंने कहा कि विधान सभा परिसर में ऐसे किसी भी कार्य के लिए विधान सभा अध्यक्ष की अनुमति आवश्यक होती है, परंतु भाजपा द्वारा कोई अनुमति नहीं ली गई है। इसलिए उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

उत्तर – भास्कर जाधव अपने आक्षेप को प्रकट करने के कुछ समय बाद तालिका अध्यक्ष पद पर विराजमान थे और उन्होंने भाजपा की प्रतिरूप विधान सभा को रोकने और माइक जब्त करने का आदेश जारी किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here