सुषमा अंधारे से अलग हो चुके पति शिंदे गुट में शामिल, दीपाली सैयद की एंट्री पर प्रश्न चिह्न?

उद्धव गुट की उप नेता सुषमा अंधारे से अलग हो चुके पति वैजनाथ वाघमारे ने बालासाहेबांच्या शिवसेना में शामिल हो गए।

महाराष्ट्र में शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की उप नेता सुषमा अंधारे से अलग हो चुके पति वैजनाथ वाघमारे ने बालासाहेबांच्या शिवसेना में शामिल हो गए हैं। यह उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के सांसद गजानन कीर्तिकर ने बालासाहेबांच्या की शिवसेना में शामिल होकर ठाकरे समूह को बड़ा झटका दिया। उसके बाद 13 नवंबर को बालासाहेब की शिवसेना ने उसे एक और बड़ा झटका दिया।

ठाणे में आयोजित एक कार्यक्रम में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की उप नेता सुषमा अंधारे के अलग हुए पति वैजनाथ वाघमारे, पूर्व विधायक योगेश पाटील और पुणे, लातूर, मुंबई, ठाणे और पालघर सहित विभिन्न दलों के पदाधिकारी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।  वैजनाथ वाघमारे ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे बालासाहेबांच्या शिवसेना में शामिल हुए क्योंकि यह किसानों और आम लोगों की सरकार है। शिवसेना के भारतीय कामगार सेना के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष इरफान शेख भी कार्यकर्ताओं के साथ शिंदे गुट में शामिल हो गए।

गजानन कीर्तिकर शिंदे गुट में शामिल
पिछले तीन महीने से कीर्तिकर शिंदे समूह में शामिल होने के लिए बातचीत कर रहे थे। अंतत: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में  शिंदे गुट में प्रवेश किया। गजानन कीर्तिकर के आने से शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 13 हो गई। शिंदे गुट ने जहां कीर्तिकर की पार्टी में प्रवेश के अवसर पर ठाकरे समूह को झटका दिया, वहीं इस गुट ने 13 नवंबर को ठाणे के टेंभीनाका में आनंद मठ में पार्टी प्रवेश कार्यक्रम आयोजित करके ठाकरे समूह को फिर से झटका दिया।

दीपाली सैयद की पार्टी में एंट्री पर प्रश्न चिह्न
राज्य में सत्ता हस्तांतरण के बाद और उससे पहले भी दीपाली सैयद काफी सक्रिय नजर आई थीं। कभी-कभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से विरोधियों की आलोचना की और कड़वा जवाब भी दिया। वे ठाकरे और शिंदे को एक साथ लाने की भी कोशिश कर रही थीं। लेकिन सुषमा अंधारे के पार्टी में आने के बाद से दीपाली सैयद ज्यादा एक्टिव नहीं हैं। उसके बाद बात चल रही थी कि वे शिंदे समूह में शामिल होंगी क्योंकि वह उद्धव गुट से नाखुश थीं। उनकी 13 नवंबर को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होने की चर्चा थी। लेकिन, उन्हें शामिल नहीं किया गया।

दीपाली सैयद का क्या होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ठाकरे गुट में रहने के दौरान दीपाली सैयद के विवादित बयान देने के बाद भाजपा महिला मोर्चा ने शिंदे समूह में उनके प्रवेश का विरोध किया है। भाजपा महिला मोर्चा की ठाणे शहर अध्यक्ष मृणाल पेंडसे ने मांग की है कि वे पहले प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगें। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू है कि भाजपा के विरोध के चलते दीपाली सैयद का पार्टी में प्रवेश रद्द तो नहीं हो गया?

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