महाराष्ट्र सदन घोटाला: भुजबल परिवार समेत छह लोगों को बड़ी राहत, दमानिया देंगी चुनौती

महाराष्ट्र सदन घोटाला मामले में सत्र न्यायालय ने बड़ा निर्णय सुनाया है।

महाराष्ट्र सदन घोटाला प्रकरण में लोकनिर्माण मंत्री छगन भुजबल को बड़ी राहत मिली है। मुंबई सत्र न्यायालय ने छह लोगों को इस प्रकरण में दोषमुक्त कर दिया है। इस बीच अंजली दमानिया ने सत्र न्यायालय के निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की है।

इस मामले में मुंबई सत्र न्यायालय ने छगन भुजबल समेत छह लोगों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने के कारण निर्दोष करार दिया है। इस विषय में एक याचिका सत्र न्यायालय में दायर की गई थी। यह वही प्रकरण है जिसमें छगन भुजबल को सवा दो साल जेल में रहना पड़ा था।

इस प्रकरण में अंजली दमानिया ने 8 याचिका दायर की थी। जिसमें 7 प्रकरण भ्रष्टाचार और एक प्रकरण 2,753 करोड़ के आय से अधिक संपत्ति के मामले का था।

ये भी पढ़ें – निर्दोष मुक्ति पर भुजबल का शायराना अंदाज… जानिये क्या बोले?

प्रकरण ये है
वर्ष 2005-06 में नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन के पुनर्निर्माण में धांधली से संबंधित प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। इस प्रकरण में आरोप है कि तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री छगन भुजबल ने बगैर निविदा आमंत्रित किये केएस चामनकर एंटरप्राइज को कार्य दे दिया। आरोप ये भी है कि, इसके बदले में भुजबल परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया था।

इस प्रकरण में सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने भ्रष्टाचार के कुल सात प्रकरण दायर किये थे और एक प्रकरण आय से अधिक संपत्ति का था। भ्रष्टाचार से संबंधित प्रकरण में छह मुख्य आरोपियों में से कुछ लोगों ने निर्दोष मुक्ति के लिए मुंबई सत्र न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए जुलाई में न्यायाधीश एचएस सतभाई ने पांच आरोपियों को निर्दोष करार दे दिया। जबकि सितंबर 9, 2021 को वर्तमान अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को निर्दोष करार दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here