मानसून सत्र को लेकर महाराष्ट्र में राजनैतिक हलचल तेज! शिवसेना की ऐसी है तैयारी

महाराष्ट्र में विधानमंडल का मानसून सत्र 5 और 6 जुलाई को हो रहा है। शिवसेना ने अपने विधायकों को इन पूरे दो दिन सदन में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार को अस्थिर करने की बात की जा रही है। इसे देखते हुए शिवसेना ने मानसून सत्र पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इसी क्रम में पार्टी के सभी विधायकों को मानसून सत्र के अंत तक सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया गया है।

बता दें कि राज्य में विधानमंडल का मानसून सत्र 5 और 6 जुलाई को हो रहा है। शिवसेना ने अपने विधायकों को इन दो पूरे दिन सदन में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

इसलिए जारी किया गया व्हिप
सत्र में अनुपूरक मांगों, सरकारी कार्यों और पूरक विनियोग विधेयकों पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। इसलिए पार्टी ने पूरे मानसून सत्र में शिवसेना के सभी विधायकों को उपस्थित रहने का आदेश जारी किया है। शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने पार्टी विधायक दल के नेता कार्यालय से पत्र लिखकर शिवसेना विधायकों को यह व्हिप जारी किया है।

दो दिन के सत्र में क्या होगा?
अधिवेशन के पहले दिन शोक प्रस्ताव और अनुपूरक मांगों को रखा जाएगा, जबकि दूसरे दिन विनियोग विधेयक पेश कर अनुपूरक मांगों का अनुमोदन किया जाएगा। कोरोना काल में अधिकांश खर्च स्वास्थ्य पर ही हुआ है और अन्य विभागों को धनराशि का वितरण नहीं किया गया है। इस काल में वेतन, छात्रवृत्ति, पेंशन और स्वास्थ्य के अलावा कोई भी विकास कार्य नहीं किया गया है। इस सत्र में पूरक मांगों में केवल स्वास्थ्य पर खर्च होनेवाली रकम को शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।

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विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव नहीं
राज्य सरकार का विचार है कि मानसून सत्र भी बिना विधानसभा अध्यक्ष के ही होना चाहिए। हालांकि कांग्रेस मांग कर रही है कि इसी सत्र में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाए। इसलिए महाविकास आघाड़ी व्हिप जारी कर अपने सभी विधायको को सत्र के दौरान दोनों दिन सदन में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। क्या पता अचानक विधानसभा का चुनाव करना पड़ जाए, ऐसी स्थिति के लिए उसने अपनी पूरी तैयारी दिखाई है।

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