महाराष्ट्र के उन किसानों को मिलेगा मुआवजा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

विधानसभा में चर्चा के दौरान किसानों से आत्महत्या न करने की अपील की।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि भारी बारिश से प्रभावित किसानों की फसल का सर्वेक्षण कराया जाएगा। उसके आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने विधानसभा में चर्चा के दौरान किसानों से आत्महत्या न करने की अपील की।

किसे मिलेगा मुआवजा
एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि लगातार बारिश से जिन किसानों की फसल 33 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त हुई होगी, उन्हें सर्वेक्षण के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित लोगों को राहत राशि देने में देरी से बचने के लिए अब से मोबाइल एप से सर्वेक्षण किए जाने का विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही एक नई प्रणाली विकसित की जा रही है, जैसे मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ई-सर्वेक्षण रिपोर्ट बनाना, आवश्यक धनराशि तय करना और सीधे संबंधित के आधार लिंक बैंक खाते में पैसा जमा करना। इसमें रिमोट सेंसिंग तकनीक (सैटेलाइट इमेज) का इस्तेमाल किया जाएगा। एकनाथ शिंदे ने कहा कि इसके लिए ड्रोन तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा।

लाखो हेक्टेयर फसल बर्बाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भारी बारिश, लगातार बारिश और बाढ़ से 18 लाख 21 हजार हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। इसमें 17 लाख 59 हजार 633 हेक्टेयर में खेती, 25 हजार 476 हेक्टेयर में बागवानी, 36 हजार 294 हेक्टेयर में फल की फसल शामिल है।अब तक 21 हजार बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मृत पशुओं के नुकसान के लिए हम 1 करोड़ 52 लाख रुपये का फंड दे रहे हैं। घरों, झोपड़ियों और गौशालाओं को हुए नुकसान के लिए 4 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि दी जा रही है। कृषि भूमि के कटाव से हुए नुकसान के लिए 5 करोड़ 78 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। राज्य में 212 ड्रिप सेट और 469 फ्रॉस्ट सेट को नुकसान हुआ है।

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विधानसभा में नियम 293 के तहत वर्ष 2022 के जुलाई और अगस्त माह में प्रदेश में भारी बारिश को लेकर हुई चर्चा में विपक्षी नेता अजित पवार, अशोक चव्हाण, संजय गायकवाड़, भास्कर राव जाधव, छगन भुजबल, नाना पटोले, बच्चू कडू, राजेश पवार, चंद्रकांत नवघरे, सुरेश वरपुदकर, कैलास पाटिल, प्राजक्ता तानपुरे, एड. आशीष जायसवाल, नरेंद्र भोंडे, राजेश टोपे, किशोर जोर्गेवार सहित प्रमुख सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए और विभिन्न मांगें उठाईं।

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