सरकार ही नहीं, तिपहिया रिक्शा दौड़ाने में भी माहिर हैं ‘दादा’

बारामती में रिक्शा दौड़ानेवाले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार इसके पहले पुणे पुलिस की थाने के निर्माण में निकृष्ट दर्जे के काम के लिये भी क्लास ले चुके हैं।

महाराष्ट्र में उपमुख्यंत्री अजीत पवार की एक और महारत सामने आई है। जब इलेक्ट्रिक रिक्शा की जानकारी लेते-लेते उनका दिल चलाने को मचल गया… तो क्या था? ड्राइविंग सीट पर बैठे अजीत दादा स्टार्ट बटन दबाकर उसे ले उड़े।

राज्य में तीन पहिये की सरकार है, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन है। इस गठबंधन का नाम है महाविकास आघाड़ी… इस तिपहिया सरकार के चालक हैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तो बैक सीट पर है राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी। परंतु, कई बार यह कहा जाता है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार का रिमोट राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुखिया शरद पवार के हाथ हैं।

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बड़े साहब तो बड़े साहब… छोटे साहब तो गेट-सेट-गो
महाविकास आघाड़ी सरकार को राज्य में शरद पवार जैसे नेता का मार्गदर्शन प्राप्त है। तभी तो 105 विधायकों वाली भाजपा विपक्ष में है और 56-54-44 वाली तिपहिया सरपट दौड़ रही है। इस सरकार में शरद पवार के भतीजे दादा अर्थात अजीत पवार उपमुख्यमंत्री हैं। चाचा की बुद्धि से सरकार चलती है तो भतीजे का भी कोई कम रुतबा नहीं है। अवसर मिले तो इस सरकार को वे भी गेट-सेट-गो की मुद्रा में लेकर दौड़ सकते हैं।

रिक्शा की सवारी
बहरहाल, शनिवार को दादा का दिल उपमुख्यमंत्री के दायरे से कुछ समय के लिए उस समय निकल गया जब उन्होंने इलेक्ट्रिक से चलनेवाला रिक्शा देखा। इस रिक्शे का निर्माण पियाजियो कंपनी ने किया है। बारामती अद्योगिक विकास मंडल में स्थित उसकी कंपनी में अजीत पवार पहुंचे थे। वे अधिकारियों से रिक्शा की विशेषताओं की जानकारी लेते रहे-लेते रहे और धीरे से चालक की सीट पर बैठ गए। अधिकारी भी उपमुख्यमंत्री को रिक्शे की सारी खूबियां समझाते रहे पर दादा का दिल तो रिक्शे को समझने में कम दौड़ाने के लिए अधिक मचल रहा था, फिर क्या तिपहिया सरकार के सूरमा अजीत दादा रिक्शे की स्टार्ट बटन दबाकर तेजी से उसे ले उड़े।

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