क्या है पीएफआई और कौन से हैं उसके सहयोगी संगठन?

पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसकी सहयोगी संस्थाएं लंबे समय से कार्यरत् हैं। इनकी भूमिका को लेकर संशय व्यक्त किया जाता रहा है।

इस संस्था का गठन 2006 में हुआ। जिसे इस्लामी संस्थाओं के महासंघ के रूप में खड़ा किया गया। इसकी एक संस्था नेशनल डेवलपमेंट फंड (एनडीएफ) की स्थापना 1993 में ही हो गई थी। जो धीरे-धीरे अलग-अलग राज्यों में विभिन्न नामों से खड़ी होने लगी। इसे काडर आधारित आंदोलन के रूप में गठित किया गया है। जो नियमित प्रशिक्षण, प्रबंधन की शिक्षा, नेतृत्व क्षमता विकास और जन आंदोलन के विकास के लिए काम करता है।

ये भी पढ़ें – देश को किस राह पर ढकेलने की तैयारी में है पॉप्युलर फ्रंट?

ये भी पढ़ें – देश को किस राह पर ढकेलने की तैयारी में है पॉप्युलर फ्रंट?

अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न नाम की संस्थाएं
♦♦नेशनल डेवलपमेंट फंड (एनडीएफ) – केरल
♦♦मनिथा नीथि पसराई (एमएनपी) – तमिलनाडु
♦♦कर्नाटका फोरम ऑफ डिग्निटी (केएफडी) – कर्नाटक
♦♦सिटिजन्स फोरम – गोवा
♦♦कम्युनिटी सोशल एजुकेशनल सोसायटी – राजस्थान
♦♦नागरिक अधिकार सुरक्षा समिति – पश्चिम बंगाल
♦♦लियांग सोशल फोरम – मणिपुर
♦♦असोशिएशन फॉर सोशल जस्टिस – आंध्र प्रदेश
♦♦मुस्लिम स्टूडेंट फेडेरेशन

ये भी पढ़ें – सिखों के साथ इस्लामी खेल, ‘एसएफजे’ का पन्नू भी पाकिस्तानी प्यादा

राजनीतिक संगठन – भीम और मीम की राजनीति
पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया के राजनीतिक धड़े सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया का गठन 21 जून, 2009 को किया गया। इसे कमजोर वर्ग के विकास के नाम पर खड़ा किया गया था। जिसमें मुस्लिम, दलित, पिछड़ी जाति और आदिवासियों को जोड़ने का नारा दिया गया। यानी भीम और मीम की राजनीति यहां से रंगने लगी थी। इसे छात्र संगठन के रूप में भी खड़ा करने का कार्य पूरे सामर्थ्य से चलता रहा है, जिससे इसे काडर का बेस प्राप्त हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here