असंतुष्टों की सुनो! क्या सिब्बल की सलाह मानेगा कांग्रेस नेतृत्व ?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व को असंतुष्ट नेताओं की बातों को सुनने की सलाह दी है। सिब्बल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पार्टी नेतृत्व को ये मालूम है कि समस्या क्या है?

जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर कांग्रे पार्टी में टेंशन बढ़ गई है। इसे लेकर पार्टी दो धड़ों में बंट गई है। एक धड़ा जितिन प्रसाद को विश्वासघाती बता रहा है तो दूसरा धड़ा पार्टी में सुधार को जरुरी बता रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल भी अब इस मामले में कूद पड़े हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को असंतुष्ट नेताओं की बातों को सुनने की सलाह दी है।

कपिल सिब्बल ने कहा है कि मुझे विश्वास है कि पार्टी नेतृत्व को ये मालूम है कि समस्या क्या है? मुझे उम्मीद है कि नेतृत्व इस मामले में गंभीर है और वह असंतुष्ट नेताओं की बात सुनने के लिए तैयार होगा, क्योंकि कोई भी पार्टी या कॉरपोरेट ढांचा बिना एक दूसरे के सुने नहीं चल सकता।

सिब्बल की सलाह
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पार्टी को सलाह देते हुए कहा कि यदि आप नहीं सुनते हैं तो बुरे दिन को निमंत्रण देते हैं। उन्होंने जितिन प्रसाद को कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर उन पर निशाना साधा। कांग्रेस के इस दिग्गज नेता ने कहा कि जितिन प्रसाद ने जो कुछ किया, उसके पीछे कोई न कोई कारण रहा होगा। इसलिए मैं उनके कांग्रेस छोड़ने के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन उनके भाजपा में शामिल होने की बात समझ में नहीं आती। इससे तो यही पता चलता है कि हम आया राम गया राम से आगे बढ़कर प्रसाद पॉलिटिक्स की संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। आप को जो पार्टी मिले, उसी में शामिल हो जाओ।

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‘मेरा मृत शरीर भी भाजपा में नहीं जाएगा’
कपिल सिब्बल ने कहा कि हम सच्चे कांग्रेसी हैं और मैं अपनी जिंदगी में भाजपा में जाने के बारे में सोच भी नहीं सकता। यहां तक की मेरा मृत शरीर भी ऐसा नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि कांग्रेस मुझे पार्टी छोड़ने को कहे, लेकिन तब भी मैं भाजपा में नहीं जाऊंगा।

प्रसाद की आलोचना
बता दें कि जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने पर पार्टी नेता उनकी आलोचना कर रहे हैं। कई पार्टी नेता उन्हें बिना जनाधार वाला नेता बता रहे हैं। इसके साथ ही कई ने उन्हें विश्वासघाटी की संज्ञा दी है।

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