रश्मि ठाकरे बन सकती हैं मुख्यमंत्री!

17 जुलाई को हिंदुस्थान पोस्ट ने 'ऑफबीट नीलम ताई... मुलाकात...थोड़ी हटके' नाम से एक साक्षात्कार का आयोजन किया। इस साक्षात्कार में डॉ. गोर्हे ने राजनीति,सामाजिक और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

शिवसेना के कार्याध्यक्ष उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे भले ही वर्तमान में महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन भविष्य में इस तरह की ऐतिहासिक और राजनैतिक घटना घट सकती है। जिस तरह उद्धव ठाकरे ने बिना किसी की परवाह किए अचानक प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को स्वीकार कर सबको आश्चर्यचतिक कर दिया था, उसी तरह रश्मि ठाकरे भी प्रदेश की मुख्यमंत्री बन सकती हैं। यह किसी तरह की भविष्यवाणी या राजनैतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि इस तरह के विचार पार्टी की उपनेता और विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीलम गोर्हे ने व्यक्त किए हैं।

नीलम गोर्हे ने यह कहाः
17 जुलाई को हिंदुस्थान पोस्ट ने ‘ऑफबीट नीलम ताई… मुलाकात…थोड़ी हटके’ नाम से एक साक्षात्कार का आयोजन किया। विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीलम गोर्हे ने इस दौरान अपने विचार खुलकर व्यक्त किए। इस साक्षात्कार में हिंदुस्थान पोस्ट की सलाहकार संपादक मंजिरी मराठे और संपादक स्वप्निल सावरकर ने उनसे अनेकों प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से जवाब दिया। इस साक्षात्कार में डॉ. गोर्हे ने राजनीति,सामाजिक और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

रश्मि ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने पर मेरा समर्थन
महाराष्ट्र को कब तक पहली महिला मुख्यमंत्री मिलेगी? इस सवाल के जवाब में डॉ. गोर्हे ने बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 15-20 साल की लंबी अवधि के लिए मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे। बाद में जब उन्हें राष्ट्रीय नेता के रूप में बड़ा अवसर मिलेगा और अगर रश्मि भाभी मुख्यमंत्री बनना चाहेंगी, तो हम उनका समर्थन करेंगे।

इसलिए महिलाओं को शिवसेना में आना चाहिए
डॉ. नीलम गोर्हे ने कहा कि यशवंतराव चव्हाण ने भावी मुख्यमंत्री के रूप में 50 महिलाओं को तैयार करने की कोशिश की थी। उनमें से कुछ बाद में राजनीति में प्रमुखता से उभरीं। लेकिन कुछ लंबे समय तक राजनीति में नहीं रह सकीं। मुझे लगता है कि ऐसी महिलाओं की एक बड़ी टीम बनानी चाहिए। जब ऐसी महिलाओं ने मुझसे संपर्क किया तो मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से टिकट दिया है। जो महिलाएं राजनीति में आकर काम करना चाहती हैं, उन्हें शिवसेना में आना चाहिए। ऐसी महिलाओं के लिए शिवसेना में सुरक्षित माहौल है।

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