सनातन अतिपुरातन होते हुए भी आज के संदर्भ में नव्यनूतन – राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय

हरियाणा राजभवन में युवा चेतना के तत्वाधान में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज की पुण्यतिथि पर समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्यातिथि के रूप में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय उपस्थित थे, स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी जी ने समारोह का उद्घाटन किया। इसकी अध्यक्षता युवा चेतना के संयोजक रोहित कुमार सिंह ने की।

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी, पंजाब मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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इस अवसर पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने संबोधन में कहा कि सनातन अतिपुरातन होते हुए भी आज के संदर्भ में नव्यनूतन है। सनातन में सभी धर्मों को सम्मान होता है। यह धर्म कास्ट, क्रीड और रेलीजन से उपर उठकर सभी धर्मों को जोड़ने की शिक्षा देता है। इसलिए इसे मानव धर्म माना गया है। इसी धर्म को आगे बढ़ाने में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज ने आगे बढ़कर काम किया। स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। स्वामी वेदांती जी धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के शिष्य थे। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु अद्भुत काम किया था। धर्म के ऐसे पुरोधा को वे कोटि-कोटि नमन करते हैं।

समारोह में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज के शिष्य स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी ने अपने संबोधन में स्वामी वेदांती जी के साथ बिताए पलों व उनकी शिक्षा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वेदांती जी महाराज सनातन धर्म के विकास और विस्तार के सूर्य थे। स्वामी जी ने सदैव गरीब व वंचित व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास और देश गौ रक्षा के लिए अदभुत कार्य किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के संयोजक रोहित कुमार ने कहा कि वेदांती जी महाराज ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्म लेकर वाराणसी व वैशाली सहित पूरे देश को अपना कार्य क्षेत्र बनाया और उन्होंने गरीब, वंचित व गौ रक्षा के लिए राजनीति में पदार्पण किया और रामराज्य परिषद् से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। उन्होंने कहा कि वेदांती जी महाराज ने जिस प्रकार से राष्ट्रीय एकता और समाज कल्याण में सनातन का विस्तार किया उसी प्रकार से आज आवश्यकता है युवा पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चलकर उनके सपनों को आगे बढ़ाए यही स्वामी वेदांती जी महाराज को सच्ची श्रद्धंजलि होगी।

इस अवसर पर पंजाब के वित्त विभाग के प्रधान सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गुरु-शिष्य और शिष्य-गुरु के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। इस कार्यक्रम में अरविंद सेठ जी, एडवोकेट, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, गगनप्रीत सिंह, नीरज गर्ग, मोहनदीप सिंह, अंकुर जुनेजा व अन्यगणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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