किसान यूनियन आंदोलन: तो क्या भीड़ का इंसाफ चाहते हैं नेता?

पंजाब में विरोध के नाम पर एक विशेष दल के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, यही क्रम हरियाणा में भी आंदोलनकारियों ने अपना लिया है। पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को मिली बंपर जीत, बंगाल चुनाव में भाजपा की हार के पीछे किसान यूनियन के नेता अपनी शक्ति को कारण मान रहे हैं।

देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, इस काल में भी किसानों के नाम से आंदोलन करनेवाले नेता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। यह तथाकथित किसान पंजाब में एक पार्टी विशेष के नेता और कार्यकर्ताओं को तो मारपीट रहे ही हैं अब हरियाण में भी वहीं काम करने लगे हैं। जब उनकी इस करतूत पर कानूनी कार्रवाई हुई तो वे झुंडशाही पर उतर आए हैं।

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा एक विशेष यूनियन का आंदोलन हरियाणा के हिसार में भी किया जा रहा है। इस आंदोलन की शुरुआत ही एक स्थानीय नागरिक की मौत से हुई। जिसे दिल का दौरा पड़ गया। उसका नाम 70 वर्षीय अजायब सिंह था। यह आंदोलन पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के कार्यक्रम स्थल पर विरोध और उत्पात मचानेवाले किसानों पर दर्ज मामले को रद्द करने को लेकर है।

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आंदोलन को जीवित रखने के लिए उत्पात?
किसान यूनियनों का आंदोलन समय के साथ सीमित संख्या का होता जा रहा है। इसमें ईंधन के रूप में सरकार का विरोध करने, जनप्रतिनिधियों पर हमला करने और पुलिस द्वारा कार्रवाई किये जाने पर विरोध भड़काने का काम किया जाता है। इस आंदोलन के विषय में जानकारों का कहना है कि यह यूनियनों की मनमानी है। वे झुंड (भीड़) के बल पर कानून को धत्ता बताना चाहते हैं। हिसार में हो रहे आंदोलन में भारतीय किसान आंदोलन के प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे। उन्होंने इस आंदोलन को लगातार चलाने की घोषणा की है।

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इसलिए हुआ था मामला दर्ज 
16 मई, 2021 को हिसार में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने गए थे। इस बीच वहां पहले से ही इकट्ठा भीड़ ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्हें रोकने गई पुलिस के साथ आंदोलनकारी भिड़ गए, जिसमें पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें किसान यूनियन के दर्जन भर लोग घायल हो गए थे। पुलिस पर हुए हमले में पांच महिला कांस्टेबल और 15 पुलिस कांस्टेबलों सहित बीस लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस प्रकरण में किसान यूनियन के 350 लोगों पर भारतीय दंड विधान की अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया था।

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