एसटी निगम का होगा राज्य सरकार में विलय? जानिये, उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा

महाराष्ट्र में एसटी निगम को राज्य सरकार में विलय का मुद्दा जोर पकड़ रहा है। विपक्ष जहां एसटी कर्मियों की इस मांग को सही बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष के नेता-मंत्री इस मांग को गलत बता रहे हैं।

महाराष्ट्र एसटी कर्मियों की हड़ताल और उनकी मांगों को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने इसके लिए भाजपा नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम यानी एमएसआरटीसी की स्थापना को 60 साल हो गए हैं, लेकिन इस दौरान इसके कर्मचारियों ने कभी भी निगम का विलय राज्य सरकार में करने की मांग नहीं की। कर्जत में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सोची-समझी रणनीति के तहत एसटी कर्मियों को उकसा रही है।

ये मंत्री भी थे उपस्थित
कर्जत तालुका में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन पवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अशोक चव्हाण, अब्दुल सत्तार, दत्ता भरणे, विधायक रोहित पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेंद्र फाल्के, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बालासाहब सालुंखे, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मनीषा गुंड, कपिल पाटील और घनश्याम शेलार भी उपस्थित थे।

विपक्ष से अपील
पवार ने कहा कि एसटी का राज्य सरकार में विलय का मुद्दा पिछले 60 साल में कभी नहीं उठाया गया। यह पहला मौका है, जब वे इस मांग को उठा रहे हैं और अपनी बात पर अड़े हुए हैं, जबकि उनकी अन्य मांगें पूरी कर दी गई हैं। उन्होंने इस मामले में विपक्ष ने राजनाति न करने की अपील की।

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शिवसेना ने किया था कार्यक्रम का बहिष्कार
महाविकास आघाड़ी के मुख्य घटक दल शिवसेना ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। उसका आरोप है कि राकांपा विधायक रोहित पवार ने शिवसेना को विश्वास में लिए बिना इस कार्यक्रम का आयोजन किया। यहां तक कि इसकी शिकायत शिवसैनिकों ने कार्यक्रम में शामिल होने आए पार्टी नेता और मंत्री अब्दुल सतार से भी की। उन्होंने कहा कि इस तरह की राकांपा की मनमानी से शिवसेना को नुकसान होगा।

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