तो उसके बाद क्या खडसे को गिरफ्तार ?

एकनाथ खडसे पर 2016 में एक आरोप लगा था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करके पुणे की भोसरी का भूखंड खरीदा है। इस मामले में 2017 में खडसे के विरुद्ध मामला भी दर्ज हुआ है।

महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एकनाथ खडसे पर 25 जनवरी तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने मुंबई हाईकोर्ट में पुणे के भूखंड मामले को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। इस मामले में सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि खडसे पर 25 जनवरी तक कोई कार्रवाई नहीं की जानी है।

 कार्रवाई से सुरक्षा की मांग
भारतीय जनता पार्टी से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में प्रवेश करनेवाले एकनाथ खडसे से 15 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की थी। इस मामले को रद्द किये जाने की मांग वाली याचिका खडसे ने उच्च न्यायालय में दायर की है। याचिका में एन्फोर्समेंट केस इन्फोर्मेशन रिपोर्ट को रद्द किए जाने की मांग की गई है। इसमें खडसे के वकील आबाद पोंडा ने मांग की है कि उच्च न्यायालय उनकी मुवक्किल को किसी भी जबरन कार्रवाई से सुरक्षा दिलाए। इस पर प्रवर्तन निदेशालय के वकील अनिल सिंह ने न्यायालय को सूचित किया कि 25 जनवरी तक खडसे पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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25 जनवरी को अगली सुनवाई
न्यायालय में अब अगली सुनवाई 25 जनवरी को है। न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय से पूछा है कि यदि याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दी जाती है तो कौन-सा आसमान टूट पड़ेगा?

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