“अब मंदिरों पर पैसे खर्च किए जा रहे हैं, तब…!” सीएम योगी ने पूर्व सरकार पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्दे नजर हिंदू कार्ड खेलते हुए पूर्व सरकार पर हमला बोल दिया है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग पांच साल पहले उत्तर प्रदेश में तत्कालीन सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की कथित रुप से कब्रिस्तान और श्मशान में भेदभाव करने के लिए आलोचना की थी। उसी तर्ज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बयान दिया है। सीएम ने यह बयान अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का ब्योरा देते हुए दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने सरकारी धन का उपयोग मंदिरों को सजाने और पुनर्निर्माण के लिए किया, जबकि पिछली सरकार ने कब्रिस्तानों के चारों ओर दीवार बनाने के लिए उसका इस्तेमाल किया था।”

अयोध्या मे दीपोत्सव पर दिया बयान
सीएम ने अयोध्या में एक दीपोत्सव समारोह में लोगों और अपने कैबिनेट सहयोगियों को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश बदलाव देख रहा है। पूर्व में राज्य की जनता (सरकारी कोष) का पैसा कब्रिस्तानों की दीवारें बनाने में खर्च किया जाता था, आज उनके पैसे का उपयोग मंदिरों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के लिए किया जाता है। दोनों में यही अंतर है। कब्रिस्तानों की देखभाल करने वालों ने वहां पैसा खर्च किया। जो लोग धर्म और संस्कृति के बारे में चिंतित हैं, वे वर्तमान में धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए धन का उपयोग कर रहे हैं।” अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदित्यनाथ की टिप्पणी का काफी महत्व माना जा रहा है।

500 से अधिक मंदिरों का हुआ विकास कार्य
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने 500 से अधिक मंदिरों का विकास कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है और दुनिया की कोई ताकत इस मंदिर के निर्माण को नहीं रोक सकती।

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पीएम मोदी ने कहा थाः
इससे पहले पीएम मोदी ने 2017 में फतेहपुर में अपने भाषण में इस मुद्दे को उठाया था। मोदी ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा था, “गांव में कब्रिस्तान है तो श्मशान भी होना चाहिए। अगर रमजान के दौरान बिजली कटौती नहीं की जाती है, तो इसे दीवाली के दौरान भी नहीं की जानी  चाहिए। होली के दिन बिजली हो तो ईद के दिन भी बिजली आपूर्ति बाधित न हो। कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। ”

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