पंजाब कांग्रेस में कलहः अब इस बात पर अड़े अमरिंदर सिंह!

पंजाब के पार्टी प्रभारी हरीश रावत 17 जुलाई को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आदेश पर अमल करते हुए चंडीगढ़ पहुंचे और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की।

पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान का अंत होता नहीं दिख रहा है। पार्टी हाईकमान और पंजाब प्रभारी के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सभी कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। सुबह सुलह की खबर आती है तो शाम तक फिर दोनों के बीच मतभेद और अनबन की खबर आ जाती है। यह सिलिसिला पिछले कई दिनों से नहीं, महीनों से जारी है। अब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू से मिलने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सिद्धू अपनी बयानबाजी के लिए माफी नहीं मांगेंगे तब तक वे उनसे नहीं मिलेंगे।

कैप्टन रख दी शर्त
मिली जानकारी के अनुसार पंजाब के पार्टी प्रभारी हरीश रावत ने कैप्टन को नवजोत सिंह सिद्धू से मिलने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। दरअस्ल सिद्धू द्वारा सार्वजनिक रुप से अपने खिलाफ की गई बयानबाजी से कैप्टन अमरिंदर सिंह उनसे बेहद नाराज हैं। कैप्टन ने रावत से कहा कि सिद्धू अपने अपमानजनक बयानबाजी के लिए सार्वजनिक रुप से माफी मांगें,उसके बाद ही वह उनसे मिलेंगे।

सिद्धू ने नेताओं से मांगा सहयोग
दूसरी ओर सिद्धू ने 17 जुलाई को सुनील जाखड़, लाल सिंह और अन्य मंत्रियों से मुलाकात की और अपने प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने में सहयोग की अपेक्षा जताई। हालांकि अमरिंदर सिंह ने समझौते के लिए बड़ी शर्त रखकर पार्टी हाईकमान की मुश्किल को आगे भी जारी रखने की घोषणा कर दी है।

 हाईकमान के लिए कैप्टन ने कही यह बात
हरीश रावत 17 जुलाई को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आदेश पर अमल करते हुए चंडीगढ़ पहुंचे और  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कैप्टन से कहा कि आप सिद्धू से मिलकर बात खत्म कर लें, लेकिन सीएम माफी पर अड़ गए। यही नहीं, कैप्टन ने रावत से कहा कि इस सारे मामले को हाईकामन ने सही ढंग से नहीं निपटाया है।

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