राकेश टिकैत को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने छोड़ा, यह है मामला

दिल्ली पुलिस ने 22 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान से पहले दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले टीकरी बॉर्डर पर सीमेंटेड बैरिकेड्स लगाने शुरू कर दिया है।

दिल्ली आ रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े किसान नेता राकेश टिकैत को 21 अगस्त को दोपहर दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया। राकेश टिकैत अपने कुछ समर्थकों के साथ दिल्ली जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। इसके बाद टिकैत समर्थक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद दिल्ली पुलिस सभी को मधु विहार थाने लेकर आई। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के काफी समझाने पर राकेश टिकैत एवं उनके समर्थकों ने बात मानी और वह वापस लौट गये।

राकेश टिकैत ने खुद को हिरासत में लिए जाने पर ट्वीट कर कहा कि एक ट्वीट कर कहा कि सरकार के इशारे पर काम कर रही दिल्ली पुलिस किसानों की आवाज को नहीं दबा सकती। यह गिरफ्तारी एक नई क्रांति लेकर आएगी। यह संघर्ष अंतिम सांस तक जारी रहेगा। ना रुकेंगे, ना थकेंगे ना झुकेंगे।

किसानों से किया आह्वान
उल्लेखनीय है कि राकेश टिकैत ने 19 अगस्त को देश भर के किसानों से आह्वान किया था कि वे अपने मुद्दों के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रव्यापी आंदोलन कब, कहां और किस तरह से होगा उन्हें उचित समय पर इस बारे में जानकारी दे दी जायेगी।

राकेश टिकैत ने 20 को बताया था कि केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा को हटाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने संबंधी एक कानून बनाये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में चल रहा किसानों का धरना शीर्ष जिला अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद आज समाप्त हो गया।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसान एक बार फिर दिल्ली लौटने की योजना बना रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने 22 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान से पहले दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले टीकरी बॉर्डर पर सीमेंटेड बैरिकेड्स लगाने शुरू कर दिया है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है।

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