दिल हीन दिल्ली! ‘अनस’ के लिए उमड़ा सीएम का दर्द ‘अमित’ के लिए क्यों निष्ठुर हो गया?

कोरोना ग्रसितों की सेवा में जान गंवानेवालों के बीच भेदभाव चुभ जाता है। जो नियम डॉक्टर को कोरोना योद्धा के रूप में एक करोड़ रुपए देकर सहायता करता है वह उसी डॉक्टर के साथ काम करनेवाले कर्मियों के लिए लागू नहीं होता।

कोरोना ने बहुत से ऐसे योद्धाओं को हमसे छीन लिया जो अपनी पूरी निष्ठा से देश की सेवा में लगे रहे। उसमें डॉ.अनस मुजाहिद भी हैं और कांस्टेबल अमित राणा का भी नाम है। दोनों कोरोना योद्धाओं के असमय निधन के प्रति पूरे समाज ने शोक व्यक्त किया। लेकिन जो सियासी शोक डॉ.अनस के घर तक सीएम को खींच ले गया वह अमित के लिए ट्विटर पर आंसू बहाकर मौन क्यों धारण कर लेता है?

क्या दिल हीन है दिल्ली?… यह एक प्रश्न है जो दिल्ली पुलिस के 31 वर्षीय कांस्टेबल अमित राणा के निधन के बाद खड़ा हुआ है। इसी प्रकार दूसरे कोरोना योद्धा हैं डॉ.अनस मुजाहिद। उनके निधन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दस दिनों के भीतर ही उनके घर गए और पिता व परिवार से भेंट करके एक करोड़ की सहायता राशि सौंपी और अपनी संवेदना व्यक्ति।

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सियासी शोक तो नहीं?
युवा आयु में कोरोना से प्राण गंवाने वाले दोनों ही योद्धाओं का बलिदान महत्वपूर्ण है लेकिन जो संवेदना 9 मई, 2021 को जान गंवानेवाले डॉ.अनस मुजाहिद के लिए दस दिनों में ही दिखी वह 6 मई, 2020 को अपनी जान गंवानेवाले अमित राणा के निधन के एक साल बाद भी क्यों नहीं दिखती?

माना कि डॉक्टर और कांस्टेबल के बीच पदों का ऐसा अंतर है कि उसका मेल करना भी संभव नहीं, लेकिन सीएम साहब अमित राणा के घर न जाकर सहायता राशि ही पहुंचवा देते या सांत्वना के लिए उनका कोई मंत्री ही चला जाता तो अमित की दुधमुंही बच्ची को गोद में थामे मात्र पच्चीस-तीस वर्ष की आयु की उनकी पत्नी का ढाढ़स तो बंध जाता।

पत्नी ने यह कहा
अमित राणा दिल्ली पुलिस के पहले कर्मी थे जिनका कोरोना से निधन हो गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस के तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने दुख प्रकट किया था और परिवार का साथ देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की थी।

इस दुख को प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तो प्रेस कॉन्फ्रेन्स भी की थी और परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा की थी।

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लेकिन अमित के निधन से दुखी मुख्यमंत्री को पिछले एक वर्ष में परिवार के आंसुओं को रोकने का समय नहीं मिल पाया है। अमित के दो बच्चे भी हैं बेटा चार साल का है तो बेटी चार-पांच महीनों की ही है। पत्नी पूजा अमित राणा ने पिछले एक वर्ष में सीएम समेत सभी से गुहार लगा चुकी हैं लेकिन उसे सुननेवाला कोई नहीं है।

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