सीमा विवाद समाप्त होने तक कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करें, विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की मांग

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी भी हाल में हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगेा। हम महाराष्ट्र की एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ेंगे।

दिशा सालियान की संदिग्ध मौत, उमेश कोल्हे हत्या मामले को लेकर जहां एक ओर सत्ता पक्ष उद्धव गुट को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे सीमा विवाद को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नागपुर विधान भवन पहुंचे, जहां उन्होंने कर्नाटक सीमा मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने मांग की कि जब तक महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद अदालत में लंबित है, तब तक कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाए।

अब इसे हल करने की जरूरत
नेता प्रतिपक्ष अजित पवार के सभागार में महाविकास अघाड़ी की बैठक में शामिल होने के बाद उन्होंने विधान परिषद की कार्यवाही में हिस्सा लिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह अच्छी बात है कि सदन के सभी सदस्यों ने सीमावाद पर सहमति जताई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर जहां आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है, वहीं हमारे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मौन धारण किए हुए हैं। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री शिंदे के दिल्ली दौरे पर भी सवाल उठाया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि सीमा मुद्दे को हल करने के लिए आपकी और हमारी सरकारों ने क्या किया है, इस पर चर्चा करने के बजाय इसे हल करने की जरूरत है।

हम महाराष्ट्र की एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ेंगे: फडणवीस
उद्धव ठाकरे द्वारा सीमा विवाद को लेकर उठाए सवाल के बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी भी हाल में हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगेा। हम महाराष्ट्र की एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ेंगे, चहे सुप्रीम कोर्ट हो या केंद्र सरकार। फडणवीस ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों पर किसी भी कीमत में अन्याय नहीं होने देंगे। हम इसके लिए प्रस्ताव लाएंगे। महाराष्ट्र चुप नहीं बैठेगा।

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