रोकने के प्रयत्नों के बावजूद दौड़ी बैलगाड़ी!

बैलगाड़ी प्रतियोगिता से एक दिन पहले पुलिस ने उस मैदान को जेसीबी से खोद डाला था, जहां बैलगाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना था।

भारतीय जनता पार्टी विधायक गोपीचंद पडलकर ने 20 अगस्त को सांगली जिले के आटपाडी तालुका के झरे गांव में बैलगाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया। हालांकि प्रशासन ने प्रतियोगिता नहीं होने देने का फैसला किया था। इसके बावजूद पडलकर के समर्थकों ने पुलिस प्रशासन को चकमा देकर बैलगाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया। 20 अगस्त को तड़के पांच बजे पडलकर समर्थकों ने इस प्रतियोगिता का आयोजन किया।

जमीन खोद दी गई फिर भी दौड़ी बैलगाड़ी
इस प्रतियोगिता से एक दिन पहले पुलिस ने उस मैदान को जेसीबी से खोद डाला था, जहां बैलगाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना था। इसके बाद प्रशासन को विश्वास हो गया था कि अब बैलगाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। विधायक पडलकर का फार्म हाउस इस मैदान से कुछ ही दूरी पर स्थित है। पुलिस ने 19 अगस्त से झरे गांव समेत आसपास के 9 गांवों में कर्फ्यू लागू कर दिया था, वहीं, कुछ जगहों पर नाकेबंदी भी की गई थी। इसके साथ ही सांगली पुलिस ने बैलगाड़ी प्रतियोगिता को रोकन के लिए कड़ी व्यवस्था की थी। इसके बावजूद पडलकर के समर्थक तड़के पांच बजे मैदान में पहुंच गए और बैलगाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया।

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विधायक की गैरमौजूदगी में आयोजन
इस बारे में जानकारी देते हुए गोपीचंद पडलकर ने कहा कि मुझे मीडिया से पता चला कि कुछ किसान और बैलगाड़ी चालक प्रतियोगिता का आयोजन करने में सफल हो गए हैं। मैं अभी तक वहां नहीं गया हूं। झरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस प्रशासन ने हमसे कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में नहीं लेने का अनुरोध किया था। हमने उनके अनुरोध का पालन किया, लेकिन अब कुछ किसानों ने हमें सूचित किया है कि प्रतियोगिता आयोजित की गई है।

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