भाजपा ने जारी किए विधान परिषद के 16 उम्मीदवारों के नाम, पंकजा मुंडे को नहीं मिली जगह! देखिए, पूरी सूची

महाराष्ट्र में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 20 जून को मतदान होना है। इसका नोटिफिकेशन 2 जून को जारी किया गया।

भाजपा ने विधान परिषद के उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। सूची में भाजपा ने महाराष्ट्र में प्रवीण दरेकर, राम शिंदे और प्रसाद लाड को मैदान में उतारा है। पार्टी ने नए चेहरों उमा खापरे और श्रीकांत भारतीय को भी मौका दिया है, लेकिन पंकजा मुंडे का नाम सूची में शामिल नहीं है। इस कारण पार्टी में तकरार बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

महाराष्ट्र में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 20 जून को मतदान होना है। इसका नोटिफिकेशन 2 जून को जारी किया गया। 9 जून तक उम्मीदवारी के लिए आवेदन जमा किए जा सकते हैं। विधानसभा की ताकत के अनुसार, भाजपा के पास चार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना के पास दो-दो, कांग्रेस के पास एक और भाजपा और एमवीए के पास फिर से दसवीं सीट है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र की सूची जारी
महाराष्ट्र के साथ ही अन्य प्रदेशों के उम्मीदवारों की सूची भी भाजपा ने जारी कर दी है। इनमें उत्तर प्रदेश और बिहार भी शामिल हैं। बिहार में भाजपा ने हरि साहनी और अनिल शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद की 13 सीटों के चुनाव के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत नौ प्रत्याशियों की घोषणा की है। इन नौ चेहरों में सात योगी सरकार के मंत्री हैं। बची हुई दो सीटों पर भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा और बनवारी लाल दोहरे का नाम शामिल है। भाजपा केन्द्रीय कार्यालय ने 8 जून को सूची जारी की है।

सूची में इनके नाम शामिल
भाजपा की सूची में योगी सरकार के सात मंत्रियों का नाम शामिल है। इसमें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह, दयाशंकर मिश्र दयालु और जेपीएस राठौर को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप, जशवंत सैनी, दानिश आजाद अंसारी नाम शामिल है। इन चेहरों में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और चौधरी भूपेन्द्र सिंह का एमएलसी का कार्यकाल पूरा हो गया है। वहीं बाकी मंत्री किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। इसलिए इन मंत्रियों को छह माह के भीतर उप्र विधान सभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जूरूरी था। लिहाजा इन चेहरों का विधान परिषद जाना तय माना जा रहा था। विधान सभा में सदस्यों की संख्या के आधार पर भाजपा रिक्त हुई 13 में से नौ सीटों पर अपने दावेदारी कर सकती है। इस हिसाब से सात मंत्रियों के अलावा केवल दो सीटें बच रही थीं। इन दो सीटों पर कई नेता अपना जुगाड़ लगा रहे थे लेकिन उनकी मेहनत रंग नहीं लाई। पार्टी ने बनवारी लाल दोहरे और लखनऊ के महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा को विधान परिषद भेजना ज्यादा मुनासिब समझा।

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