कार्तिकेय सिंह अब नहीं रहे कानून मंत्री, विवाद होने पर बनाए गए इस विभाग के मंत्री

भारत के संविधान के अनुच्छेद 166 (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एवं संविधान के अधीन बनी कार्यपालिका नियमावली के नियम के अनुसार कार्तिकेय सिंह का विभाग बदल दिया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 31 अगस्त की सुबह विवाद में फंसे अनंत सिंह के चहेते मंत्री कार्तिकेय सिंह का विभाग बदल दिया है। कार्तिकेय कुमार अब विधि विभाग के मंत्री नहीं होंगे। इसकी जगह उन्हें गन्ना उद्योग विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 166 (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एवं संविधान के अधीन बनी कार्यपालिका नियमावली के नियम 6 (1) एवं 7 (1) के मुताबिक सीएम नीतीश की सलाह पर राज्यपाल ने मंत्री कार्तिक कुमार को विधि विभाग के स्थान पर गन्ना उद्योग विभाग एवं मंत्री शमीम अहमद को गन्ना उद्योग विभाग के स्थान पर विधि विभाग का कार्य अगले आदेश तक आवंटित किया है।

विवादों में आ गए थे कार्तिकेय सिंह
मंत्रिमंडल में जगह मिलते ही कार्तिकेय कुमार विवादों में घिर गए थे।उनके ऊपर आरोप लगा था कि उनके खिलाफ कोर्ट से अपहरण के मामले में वारंट जारी किया जा चुका है।

अपहरण का आरोप
उल्लेखनीय है कि 2014 में राजीव रंजन को अगवा कर लिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कार्तिकेय सिंह के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है। कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है। इसको लेकर विपक्ष लगातार नीतीश कुमार पर हमला बोल रहा था कि जिनके खिलाफ खुद गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जा चूका हो, उसे विधि विभाग का मंत्री कैसे बनाया जा सकता है।

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