मुंडे भाई बहन की जब मंच पर ही हो गई जुगलबंदी

गोपीनाथ मुंडे के परिवार और उनके भाई पंडित मुंडे के पुत्र के आपसी संबंध लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। भाजपा के टिकट से परली से चुनाव में खड़ी हुई पंकजा मुंडे को उनके चचेरे भाई और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार धनंजय मुंडे ने पराजित किया था।

कहते हैं मुंडे-मुंडे मतिर्भिन्ना… भिन्नता तो बीड के प्रसिद्ध मुंडे घराने के नेताओं में भी है। इसका उदाहरण बना परली का एक कार्यक्रम, जहां भाई बहन ने भले ही न बात की और न ही मुलाकात की पर मंच पर जुगलबंदी जरूर छिड़ गई। यहां एक मंच पर भाजपा सांसद बहन प्रीतम मुंडे और राज्य के सामाजिक न्यायमंत्री भाई धनंजय मुंडे साथ थे। इस कार्यक्रम में दोनों ने मुलाकात और बात करना तो छोड़िये एक दूसरे की ओर देखा भी नहीं। परंतु, लोगों को दोनों मुंडे के इस व्यवहार में भी आनंद मिला।

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मैं देर करती नहीं, देर हो जाती है
प्रीतम मुंडे ने कहा कि, बीड से परली 90 किलोमीटर का अंतर है, मैं 3.15 पर बीड से निकली थीं, परंतु, 4.45 पर पहुंची हूं। मुंडे की बेटी हूं, मैं कभी देर से नहीं आती, मुंडे की विशेषता रही है। परंतु साहब का वाक्य है मैं देर करती नहीं देर हो जाती है।

प्रीतम मुंडे ने अपनी इस क्षमा याचना के माध्यम से सड़कों की स्थिति पर वर्तमान राज्य सरकार और उस सरकार में मंत्री अपने चचेरे भाई धनंजय मुंडे पर अपरोक्ष टिप्पणी दागी थी।

किस व्यक्ति ने हमें समय पर साथ लाया ये महत्वपूर्ण
इसके बाद मंच पर सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे खड़े हुए, उन्होंने प्रीतम ताई के देर से पहुंचने के कारणों को गिनाना शुरू कर दिया। वे बोले सोमवार को साप्ताहिक बाजार होता है, भीड़ होती है। यद्यपि ताई को समय पर चलने की आदत है लेकिन मेरी पार्टी समय पर ही चलती है। परंतु, मैं ही एक हूं जो समय पर कभी नहीं चलता। उनका निशाना किस ओर था वह स्वाभाविक है। कोई एक निर्माण खड़ा करने के लिए नींव खोदनी पड़ती है। खुदी नींव को भरने में समय लगता है, कलश रखने में समय नहीं लगता। परली की नींव को मजबूत करने का काम वर्तमान में चल रहा है। परली की उस नींव को भरने का काम चल रहा है। इसलिए हमारी ताई को आने में समय लगा। परली का मैं विधायक हूं।
मेरे लिए कौन समय पर आया यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि किस व्यक्ति ने हमें समय पर साथ लाया ये महत्वपूर्ण है। वह समय किसने लाया… आप सभी ने लाया, इसके लिये आप सभी का आभारी हूं।

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