असम में उम्मीदवार नजरबंद! जानें विपक्ष ने क्यों लिया ‘इमरजेंसी’ एक्शन

असम विधान सभा चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होने की आशा है। यहां छोटे दल भी बड़ा वोट लेकर जीत का परचम लहराते रहे हैं। इसलिए कांटे की टक्कर के चलते सभी दल चौकन्ने हैंय़

असम में विधान सभा चुनाव पूर्ण हो चुके हैं। चुनाव परिणाम आने में पच्चीस दिन बाकी हैं लेकिन विपक्ष ने उम्मीदवारों को राज्य से बाहर ले जाकर नजरबंद कर दिया है। विपक्ष को डर है कि भारतीय जनता पार्टी इनके उम्मीदवारों का कहीं मन न मोह ले।

राज्य में कांग्रेस, एआईयूडीएफ, बीपीएफ समेत अन्य पार्टियों का महाजोट मिलकर चुनाव लड़ रहा है। वहां भाजपा की सत्ता थी। अभी चुनाव परिणाम आने में समय है लेकिन इसके पहले ही एआईयूडीएफ ने अपने उम्मीदवारों को कांग्रेस के हाथ वाले राज्य में भेज दिया है। इन उम्मीदवारों को शुक्रवार को राजस्थान के होटल में रवाना किया गया।

इतने नेता होटल पहुंचे
महाजोट के उम्मीदवार राजस्थान के फेयरमाउंट होटल में पहुंचे। इसे पूर्वानुमान में लिया गया निर्णय बताया जा रहा है। फ्लाइट की सूची के अनुसार 20 एआईयूडीएफ उम्मीदवारों को राजस्थान भेजा गया है। अभी कुछ कांग्रेस उम्मीदवारों को भी भेजे जाने की संभावना है।

इससे विपक्ष हुआ सतर्क
चुनाव के बीच में महाजोट का एक उम्मीदवार अचानक भाजपा के साथ चला गया। उसके इस निर्णय तक नामांकन वापस लेने की तिथि समाप्त हो चुकी थी। यह प्रकरण टामुलपुर का है जहां रंगजा खुंगुर बसुमतरी 1 अप्रैल को भाजपा में शामिल हो गए। इसके कारण वे चुनाव से रिटायर्ड हो गए। इसके बाद वहां से महाजोट का कोई उम्मीदवार ही नहीं बचा।

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