मदरसों के शिक्षकों पर सीएम सरमा की टेढ़ी नजर!, उठा सकते हैं ‘ये’ कदम

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि मदरसों में उर्दू के साथ ही विज्ञान और गणित को भी पढ़ाया जाएगा, शिक्षा के अधिकार का सम्मान किया जाएगा।

असम में मदरसों पर सख्ती जारी है। अब हिमंत सरमा सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य के मदरसों में प्रदेश से बाहर आने वाले राज्यों के शिक्षकों को नजदीकी पुलिस थाने में समय-समय पर पेश होना पड़ सकता है। सीएम सरमा ने कहा कि मदरसों के लिए एक चेकलिस्ट तैयार की गई है। हालांकि, अभी तक हितधारकों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है, लेकिन चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पुलिस मदरसा शिक्षा को तर्कसंगत बनाने के लिए मुसलमानों के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री सरमा ऐसे समय पर यह फैसला लेने जा रहे हैं, जब हाल ही में आतंकी संगठन अंसारुल बांग्ला टीम के कथित मॉड्यूल पर कार्रवाई की गई थी।

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राज्य में 3,000 पंजीकृत और अपंजीकृत मदरसे
राज्य में लगभग 3,000 पंजीकृत और अपंजीकृत मदरसे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने गुवाहाटी में कहा कि पुलिस मदरसों में बेहतर माहौल बनाने के लिए बंगाली मुसलमानों के साथ समन्वय कर रही है। सीएम ने कहा कि मदरसों में उर्दू के साथ ही विज्ञान और गणित को भी पढ़ाया जाएगा, शिक्षा के अधिकार का सम्मान किया जाएगा। असम के मदरसों में बीते दिनों आतंकी मॉड्यूल का पता लगने पर पुलिस ने एक अभियान चलाया था। इस अभियान में मदरसा के प्रचारकों के बीच 51 बांग्लादेशी मिले थे।

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