लखनऊ में ऐसे स्कूली वाहनों पर गिरेगी गाज, स्कूल प्रबंधकों का भी बचना होगा मुश्किल

प्रदेश शासन बिना फिटनेस के चलने वाले स्कूली वाहनों पर सख्त हो गया है। ऐसे में बिना फिटनेस वाले वाहनों में बच्चों की जान को जोखिम में डालकर सफर कराने वाले स्कूल संचालकों पर भी अब शिकंजा कसा जाएगा।

परिवहन विभाग राजधानी लखनऊ के स्कूलों में बिना फिटनेस के चलने वाले वाहनों पर अब शिकंजा कसने जा रहा है। स्कूली वाहनों में बच्चों की जान को जोखिम में डालकर सफर कराने वाले स्कूल संचालकों पर भी प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की तैयारी है।

बिना फिटनेस के चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई
परिवहन विभाग के अनुसार, लखनऊ में बिना फिटनेस के स्कूल वाहनों का संचालन करने वालों को नोटिस देने, चालान और जुर्माने की कार्रवाई करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। अब ऐसे स्कूलों को चिह्नित किए जाने का कार्य 9 मई से शुरू हो गया है। ऐसे वाहन सूचीबद्ध किए जा रहे हैं जो बिना शीशे, खिड़कियों, जाली और अग्निशमन यंत्र के संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए यात्री कर अधिकारी (पीटीओ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिना फिटनेस के चलने वाले स्कूल वाहन को चिह्नित करने के बाद स्कूल संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

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इस स्थिति में स्कूल की मान्यता होगी समाप्त
संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रवर्तन) संदीप कुमार ने लखनऊ में बिना फिटनेस के चलने वाले स्कूल वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें बिना फिटनेस के स्कूल वाहनों का संचालन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने और न मानने की दशा में स्कूलों की मान्यता खत्म करने पर विचार करने के लिए कहा गया है।

 वाहनों को पहचानने का कार्य शुरू
परिवहन मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 9 मई को बताया कि प्रदेश शासन बिना फिटनेस के चलने वाले स्कूली वाहनों पर सख्त हो गया है। ऐसे में बिना फिटनेस वाले वाहनों में बच्चों की जान को जोखिम में डालकर सफर कराने वाले स्कूल संचालकों पर भी अब शिकंजा कसा जाएगा। बिना फिटनेस के चलने वाले स्कूली वाहनों को चिन्हित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

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