मसाले भी खाएं और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाएं

आपाधापी के इस समय में महामारी ने सभी को परेशान कर दिया है। शारीरिक व्यायाम के लिए बाहर जाना सीमित हो गया है। उस पर सेहत पर ध्यान न रख पाने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसके कमजोर होने और दिनचर्या में गड़बड़ी से मधुमेह, दिल की बीमारी, अस्थमा, रक्तचाप की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

महामारी काल में पहले से ही बीमारी से जूझ रहे लोगों को कोरोना का संकट भी अधिक दिक्कत दे सकता है। ऐसी स्थिति में अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए खान-पान पर ध्यान रखना विशेष आवश्यक हो गया है। इस खान-पान में जब मसाले रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने लगे तो क्या बात है… स्वाद का स्वाद और स्वास्थ्य की सुरक्षा भी। तो जानिये उन मसालों को जो बढ़ाते हैं रोग प्रतिरोध क्षमता।

अजवाइन : घरेलू नुस्खे के रूप में अजवाइन को पेट की दिक्कत में विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। अजवाइन में एंटीऑक्सिडेंट्स स्वांस के मार्ग को साफ करते हैं। इसके साथ ही फेफड़े भी साफ होते हैं। इसका उपयोग सूजन कम करता है। भोजन बनाने के लए उपयोग किये जानेवाले मसाले में अजवाइन का उपयोग उदर की दिक्कत से राहत दिलाता है।

हल्दी : यह सबसे अच्छी एंटीसेप्टिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी मानी जाती है। ये एंटी वायरल होने कारण फेफड़ों के संक्रमण से बचाव करती है। इसे मसाले में उपयोग करके सेवन में लाया जाता है इसके अलावा दूध में डालकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होता है।

मुलेठी : भारतीय खानपान में मुलेठी का उपयोग शामिल है। इससे खांसी, स्वांस संबंधी दिक्कत, सर्दी से राहत मिलती है। यह बलगम निकालने में सहायक होती है।

गिलोय : इसे रसायन माना जाता है। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इसकी एंटीमाइक्रोबियल गुण सूजन को कम करते हैं। इसे कोरोना काल में बहुत उपयोगी माना जाता है।

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