नवरात्रि पर बारिश का गरबा रास? जानें, मौसम विभाग का क्या है पूर्वानुमान

इस सल मानसून का आगमन देर से हुआ, लेकिन महाराष्ट्र समेत पूरे देश में संतोषजनक बारिश हुई। कहीं-कहीं भारी बारिश के कारण बाढ़ की भी स्थिति बन गई। इससे काफी नुकसान भी हुआ।

7 अक्टूबर से पूरे देश के साथ ही महाराष्ट्र में भी नवरात्रि क पावन पर्व शुरू हो गया है। इस अवसर पर नौ दिनों तक देवी मां के अलग-अलग नौ रुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। महाराष्ट्र के साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश में इस अवसर पर माता के गीत के साथ ही गरबा और डांडिया नृत्य की परंपरा रही है, लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए इसे मर्यादित ढंग से ही मनाने की अनुमति दी गई है। इस स्थिति में भी मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक देश के कई भागों के साथ ही महाराष्ट्र में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी का असर महारष्ट्र के कई भागों में दिखने भी लगा है।

कुछ दिनों की विश्रांंति के बाद एक बार फिर मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई भागों में बारिश शुरू हो गई है। नवरात्रि के मौके पर जहां माता के भक्तों को कोरोना के खतरे को देखते हुए कई तरह की पाबंदियों का पालन करना है, वहीं अब बारिश ने उनके उत्साह को और कम कर दिया है।

ये हैं कारण
बता दें कि मौसम विभाग ने एक बार फिर मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। 6 अक्टूबर से ही मानसून की वापसी हो गई है। गुजरात से सटे पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले चार से पांच दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। विभाग ने बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान जताया है, इसलिए देश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

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इन राज्यों में बारिश का अनुमान
गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।

संतोषजनक बारिश
इस सल मानसून का आगमन देर से हुआ, लेकिन राज्य समेत पूरे देश में संतोषजनक बारिश हुई। कहीं-कहीं भारी बारिश के कारण बाढ़ की भी स्थिति बन गई। इससे काफी नुकसान भी हुआ। लेकिन इस साल बारिश के कारण महाराष्ट्र के जल भंडारों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।

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