लोनावला में पर्यटन पर पहरा! जानें, क्या हैं नए नियम

महाराष्ट्र के लोनावला में भूशी डैम के ओवरफ्लो होते ही हजारों की संख्या में सैलानी यहां आ जाते हैं। इसके साथ ही वे कोरोना के सभी नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए पर्यटन का लुत्फ उठाने लगते हैं।

महाराष्ट्र के लोनावला पर्यटन क्षेत्र में कोरोना की पृष्ठभूमि पर धारा 144 लागू कर दी गई है और पांच या अधिक लोगों के यहां जमा होने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही झरने से एक किलोमीटर तक के दायरे में वाहनों पर रोक लगा दी गई है।

पिछले कुछ दिनों से देखने में आया है कि लोनावला के पर्यटन स्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा बार-बार अपील करने के बावजूद यहां पर्यटकों की भीड़ कम नहीं हो रही थी। इसे देखते हुए यहां धारा 114 लागू कर दी गई है।

इसलिए धारा 144 लागू
बता दें कि लोनावला में भूशी डैम के ओवरफ्लो होते ही हजारों की संख्या में सैलानी यहां आ जाते हैं। इसके साथ ही वे कोरोना के सभी नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए पर्यटन का लुत्फ उठाने लगते हैं। लोगों की भीड़ के कारण कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि प्रदेश में पहले के मुकाबले कोरोना संक्रमण से काफी राहत है लेकिन इसकी तीसरी लहर की चेतावनी बार-बार विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है, इसके बावजूद लोग हैं कि मानते नहीं, और वे कोरोना के साधारण नियमों को भी मानने की जरुरत नहीं समझते। इस कारण सरकार और स्थानीय प्रशासन को कड़े नियम लागू करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

पुलिस की अपील
लोनावला पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिलीप पवार ने प्रशासन के नियमों का स्वागत करते हुए नागरिकों से पर्यटन स्थलों पर भीड़ न लगाने की अपील की है।

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इन पर्यटक प्वाइंट पर धारा 144 लागू
भूशी बांध,घुबाद झील,लोनावला बांध,तुंगली बांध,राजमा प्वाइंट,मंकी प्वाइंट,अमृतंजन ब्रिज,वाल्वन बांध,एकवीरा मंदिर परिसर, वेहरगांव,टाइगर प्वाइंट,लायन प्वाइंट,शिवलिंग प्वाइंट,कार्ला गुफाएं,भजे गुफाएं,लोहगढ़ किला,विसापुर किला तिकोना किला, पावना बांध क्षेत्र,भाजे जलप्रपात के साथ ही एक किलोमीटर क्षेत्र में धारा 144 लागू।

निम्नलिखित चीजें प्रतिबंधित

  • पर्यटन स्थलों पर पांच या इससे अधिक व्यक्तियों को एकत्रित होने की अनुमति नहीं।
  •  बारिश के कारण तेज बहते पानी में जाने,गहरे पानी में उतरने और उसमें तैरने पर रोक।
  •  झरने पर जाना या पानी की धारा के नीचे बैठना।
  •  बारिश,झरने,खड्ड,खतरनाक मोड़ आदि के कारण खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेना और किसी भी रूप में फिल्मांकन करना।
  •  बारिश से बने प्राकृतिक झरनों के आसपास शराब पीना,शराब ले जाना,अनाधिकृत शराब बेचना और खुले में शराब पीना।
  • सड़कों और खतरनाक स्थानों पर वाहनों को रोकना।
  • लापरवाही से वाहन चलाना,खतरनाक स्थिति में ओवरटेक करना।
  • सार्वजनिक स्थानों पर भोजन,कचरा,कांच और प्लास्टिक की बोतलें और थर्मोकोल व प्लास्टिक फेंकना।
  • सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को प्रताड़ित करना,महिलाओं के साथ छेड़छाड़,अश्लील इशारे करना,बदनामी करना या ऐसा कुछ भी करना, जिससे शर्मिंदगी हो।
  • जलप्रपात से 1 किमी के भीतर वाहन ले जाना।

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