महाराष्ट्रः म्यूकर माइकोसिस से बढ़ती मौतों पर चिंता! न्यायालय ने दी ये सलाह

म्यूकर माइकोसिस की गंभीरता से देश के न्यायालय भी अच्छी तरह अवगत हैं। इसी कड़ी में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सकार को महत्वपूर्ण सलाह दी है।

देश के साथ ही महाराष्ट्र में म्यूकर माइकोसिस के मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई जा रही है। इसकी गंभीरता से देश के न्यायालय भी अच्छी तरह अवगत हैं। इसी कड़ी में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सकार को महत्वपूर्ण सलाह दी है। न्यायालय ने सरकार को इस बीमारी में उपयोगी एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन आयात करने की सलाह दी है।न्यायालय ने कहा कि अगर देश में इसका उत्पादन अपर्याप्त है, तो इस पर निर्भर रहने की बजाय अन्य देशों से इंजेक्शन आयात करने पर विचार करना चाहिए।

36 घंटे, 82 मौत
पिछले 36 घंटों में महाराष्ट्र में इस बीमारी से 82 लोगों की मौत हो गई है और यहां सबसे अधिक रोगियों के बावजूद, केंद्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र को एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसलिए न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि इंजेक्शन के अभाव में किसी भी मरीज की मौत नहीं होनी चाहिए। न्यायालय ने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में इस इंजेक्शन की आपूर्ति किन मानदंडों के आधार पर की जा रही है, जबकि कम संख्या होने के बावजूद कुछ राज्यों में एम्फोटेरिसिन-बी की आपूर्ति अधिक की जा रही है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की पीठ ने केंद्र को अन्य राज्यों में इसके रोगियों की संख्या और अब तक के मृतकों की संख्या का विवरण प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।

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5 हजार मरीज, 4 हजार इंजेक्शन
चिंता की बात यह है कि राज्य में इस बीमारी से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। अब न्यायालय ने एम्फोटेरिसिन-बी की राज्यवार आपूर्ति का ब्योरा देने का निर्देश दिया है। बता दें कि केंद्र द्वारा राज्य को प्रतिदिन 4,000 एम्फोटेरिसिन-बी की आपूर्ति की जाती है। राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने न्यायालय को बताया कि वर्तमान में राज्य में इस बीमारी के 5,000 से अधिक रोगी हैं। उसके अनुसार इंजेक्शन की आपूर्ति अपर्याप्त है।

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