अकाउंट ब्लॉक करने पर आईटी मिनिस्टर ने ट्विटर को दी ये चेतावनी!

अपने अकाउंट ब्लॉक करने को लेकर आईटी मिनिस्टर ने नाराजगी जताई है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्विटर का यह कार्यकलाप दिखाता है कि वह अभी भी अभिव्यक्ति का अग्रदूत नहीं है, जैसा कि वह दावा करता है।

केंद्र सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की कोशिश के बीच ट्विटर ने देश के आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद के अकाउंट को ब्लॉक कर एक तरह से सरकार को चुनौती दी है। स्वयं रविशंकर प्रसाद ने इस बारे में जानकारी देते हुए आश्चर्य व्यक्त किया है। प्रसाद ने कहा कि वह एक घंटे तक अपने अकाउंट का एक्सेस नहीं पा रहे थे। एक्सेस करने पर बताया जा रहा था कि उनके अकाउंट से अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट ऐक्ट का उल्लंघन हुआ है। हालांकि एक घंटे बाद अकाउंट बहाल कर दिया गया।

आईटी मिनिस्टर ने अपने अकाउंट ब्लॉक करने को लेकर कहा है कि इससे सोशल मीडिया कंपनी ने आईटी रुल्स के नियम 4(8) का उल्लंघन किया है। आईटी मिनिस्टर ने एक और ट्वीट कर स्पष्ट रुप से कहा है कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आईटी कानूनों को मानना होगा, इससे कोई भी समझौता नहीं होगा।

शशि थरुर का अकाउंट भी ब्लॉक
इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरुर का भी ट्विटर अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया है। थरुर ने खुद इसकी जानकारी दी है। एक वीडियो शेयर करने को लेकर उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। थरुर ने इस बारे में कहा है कि ट्विटर से इसका जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी की संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन के नाते मैं कह सकता हूं कि हम ट्विटर इंडिया से रविशंकर प्रसाद और मेरा अकाउंट ब्लॉक करने और भारत में संचालन के नियम व प्रक्रिया पर सफाई मांगेगे।

आईटी एक्ट का उल्लंघन
प्रसाद ने ट्विवटर की इस कार्रवाई को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मेरा एकाउंट ब्लॉक करने से पहले कंपनी ने मुझे किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी। यह आईटी एक्ट का उल्लंघन है। आईटी मिनिस्टर ने अकाउंट ब्लॉक करने के कारण का स्क्रीन शॉट शेयर किया है। ट्वीटर ने चेतावनी दी है कि भविष्य में उनके अकाउंट के खिलाफ कोई और नोटिस मिलता है तो उनका अकाउंट फिर से ब्लॉक या सस्पेंड किया जा सकता है।

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अपना एजेंडा चला रहे हैं सोशल मीडिया
कानून मंत्री ने कहा कि ट्विटर का यह कार्यकलाप दिखाता है कि वह अभी भी अभिव्यक्ति का अग्रदूत नहीं है, जैसा कि वह दावा करता है। उन्होंने ट्विटर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल अपना अजेंडा चलाना जानता है। इस तरह के एक्शन से वो दिखाता है कि अगर आप उनकी खींची गईं रेखा पर नहीं चलते तो वे आपको मनमाने ढंग से अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे।

दी ये चेतावनी
आईटी मिनिस्टर ने एक और ट्वीट कर स्पष्ट रुप से कहा है कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉ्रम को आईटी कानूनों को मानना होगा और इससे कोई भी समझौता नहीं होगा।

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