अब ‘कश’ पर कस सकती है नकेल!

केंद्र सरकार द्वारा बनाए जा रहे नए संशोधित अधिनियम के अनुसार 21 वर्ष की आयु पूरा करनेवाले को ही धूम्रपान के सामान बेंचे जा सकते हैं। शैक्षणिक संस्थानों से सौ मीटर की दूरी पर ही पान-बीड़ी की दुकानें खोली जा सकती हैं। इसके अनुसार खुले में सिगरेट बेचने पर भी प्रतिबंध होगा।

धूम्रपान के बढ़ते दायरे से युवा वर्ग को बचाने के लिए केंद्र सरकार नई नीति लेकर आ रही है। इसके अनुसार 21 साल से कम उम्र के युवाओं को धूम्रपान बेचनेवालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रवधान होगा। नए कानून के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर कश लगानेवालों पर भारी दंड लगाया जा सकता है।

सरकार के नए प्रावधानों के अनुसार अब धूम्रपान के खिलाफ शिकंजा और कसने जा रहा है। युवा वर्ग का स्वास्थ्य अब सरकार ने प्रथामिकता में ले लिया है। जिसको देखते हुए केंद्र सरकार सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद (व्यापार और वाणिज्य उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण का निषेध विनियमन) संशोधन अधिनियम 2020 लाने जा रही है।

ना हो 21 पार तो मत दे यार…

केंद्र सरकार द्वारा बनाए जा रहे नए संशोधित अधिनियम के अनुसार 21 वर्ष की आयु पूरा करनेवाले को ही धूम्रपान के सामान बेंचे जा सकते हैं। शैक्षणिक संस्थानों से सौ मीटर की दूरी पर ही पान-बीड़ी की दुकानें खोली जा सकती हैं। इसके अनुसार खुले में सिगरेट बेचने पर भी प्रतिबंध होगा।

तो होगी जेल भी, दंड भी..

धूम्रपान नियंत्रण कानून का उल्लंघन करनेवालों पर अब कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। जिसके अनुसार अर्थ दंड की राशि 1 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक कर दी गई है। इसके अलावा 2 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान की सजा 200 रुपए से बढ़ाकर 2 हजार रुपए कर दिया जाएगा।

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