सीबीएसई -सीआईएससीई 12वीं बोर्ड परीक्षाः केंद्र का पक्ष सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने टाली सुनवाई

केंद्र सरकार ने 31 मई को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि सीबीएसई और सीआईएससीई की 12वीं बोर्ड परीक्षा के बारे में वह दो दिन में निर्णय लेगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन(सीआईएससीई) की 12वीं बोर्ड परीक्षा को कोरोना के कारण रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई 3 जून तक स्थगित कर दी है।

केंद्र सरकार ने 31 मई को न्यायालय को बताया कि सीबीएसई और सीआईएससीई की 12वीं बोर्ड परीक्षा के बारे में वह दो दिन में निर्णय लेगी। सरकार ने अपना निर्णय न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा। उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले पर 3 जून तक के लिए सुनवाई टाल दी।

न्यायालय ने कही ये बात
न्यायालय में सरकार की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पीठ ने कहा कि कोई बात नहीं। आप निर्णय लें। आप इसके अधिकारी हैं। यदि आप पिछले वर्ष की तरह पॉलिसी से अलग रुख अपनाना चाहते हैं तो आपको इसके लिए ठोस कारण बताना होगा। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने 26 जून 2020 को सीबीएसई और सीआईएससीई की कोरोना के कारण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक शेड्यूल परीक्षाएं रद्द करने की इजाजत दी थी और पेपर में अंक देने के सकार द्वारा दिए गए सुझाव को स्वीकृति दी थी।

ये भी पढ़ेंः झुका ट्विटर! आईटी नियमों पर कही ये बात

परीक्षा रद्द करने की मांग
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई दूसरी बार टाल दी है। इससे पहले 28 मई को भी न्यायालय ने सुनवाई 31 मई तक के लिए स्थगित कर दी थी। याचिकाकर्ता ने देश भर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का अनुरोध किया है। यह याचिका एडवोकेट ममता शर्मा की ओर से दायर की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here