ब्लैक फंगस से तीन बच्चों के जीवन में छाया अंधेरा! जानिये, कितनी खतरनाक है ये बीमारी

महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के 7,000 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं।

म्यूकर माइकोसिस पूरे देश में फैल रहा है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। केवल महाराष्ट्र में इसके 7,000 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। मुंबई में पिछले एक हफ्ते में इस बीमारी से 3 नाबालिगों की आंखों की रोशनी चली गई।

चौंकाने वाली जानकारी
म्यूकर माइकोसिस यानी ब्लैक फंगस ने मुंबई समेत पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। मुंबई में इस बीमारी से तीन बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई है। इतना ही नहीं, एक लड़की को इस बीमारी के बाद मधुमेह होने की जानकारी मिली है। इस कारण लोगों के मन में डर पैदा हो गया है। मुंबई के निजी अस्पतालों से यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।

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4, 6 और 14 साल के बच्चे
जिन तीन बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई है, उनकी उम्र महज 4, 6 और 14 साल है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक 4 और 6 साल के बच्चों में मधुमेह के कोई लक्षण नहीं पाए गए, जबकि 14 वर्ष के बच्चे को मधुमेह से ग्रसित होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा, एक 16 वर्षीय लड़की कोरोना से संक्रमित थी और कोरोना से ठीक होने के बाद उसे मधुमेह हो गया। बाद में उसके पेट में काला फंगस पाया गया।

जिंदगी बची लेकिन..
इस साल के शुरू में मुंबई में म्यूकर माइकोसिस के दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों बच्चे नाबालिग थे। एक 14 वर्षीय लड़की को मधुमेह का पता चला और उसकी हालत गंभीर थी। अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटों के भीतर, लड़की में इस बीमारी के लक्षण विकसित हो गए थे। डॉक्टरों के अनुसार, बाद में लड़की की आंखें निकाल दी गईं और छह सप्ताह तक उसकी देखभाल की गई। गनीमत रही कि संक्रमण उसके सिर तक नहीं पहुंचा।

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